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प्राचीन भारतीय समय प्रणाली — घटी, पल, मुहूर्त, प्रहर। वैदिक दिन सूर्योदय सँ आरम्भ होइत अछि आ ६० घटी, ३० मुहूर्त आ ८ प्रहर मे विभाजित अछि।
वैदिक समय प्रणाली सूर्य सिद्धान्त आ अन्य खगोलीय ग्रन्थ सभ मे वर्णित समय मापनक एकटा प्राचीन भारतीय विधि अछि। आधुनिक २४-घण्टाक घड़ीक विपरीत जे मध्यरात्री सँ शुरू होइत अछि, वैदिक दिन सूर्योदय सँ आरम्भ होइत अछि। एकर अर्थ ई अछि जे घटी-पलक समय प्रतिदिन आ स्थानक अनुसार बदलैत अछि, कारण सूर्योदय ऋतु आ अक्षांशक संग भिन्न होइत अछि।
मूलभूत इकाई "घटी" (वा "नाडिका") अछि, जे २४ आधुनिक मिनटक बराबर होइत अछि। प्रत्येक घटी मे ६० पल (प्रत्येक २४ सेकेन्ड) होइत अछि। साठि घटी सँ एक अहोरात्र (पूर्ण दिन-राति चक्र) बनैत अछि। ई इकाई सभ जल घड़ी (घटी यन्त्र) — एकटा तामाक पात्र जेहि मे एकटा छोटका छेदक माध्यम सँ जल एकटा कैलिब्रेटेड दर सँ प्रवाहित होइत छल — क उपयोग कय कय मापल जाइत छल।
घटी प्रणाली षट्षष्टीय (आधार-६०) अछि, जे ६० सेकेन्ड = १ मिनट, ६० मिनट = १ घण्टाक आधुनिक परम्पराक प्रतिबिम्बित करैत अछि। वैदिक प्रणाली मे: ६० पल = १ घटी, ६० घटी = १ दिन। ई सम्भवतः सुमेरियन आ भारतीय सभ्यता सभक बीचक एकटा प्राचीन गणितीय सम्बन्धक दर्शाबैत अछि। मुहूर्त (२ घटी = ४८ मिनट) आ प्रहर (७.५ घटी = ३ घण्टा) दैनिक अनुष्ठान आ समारोह सभक लेल उपयोग कयल जायवला पैघ इकाई अछि।
ज्योतिष मे, मुहूर्त क विशेष महत्व अछि। दिनक प्रत्येक\
| वैदिक इकाई | अवधि |
|---|---|
| काष्ठा | 3 min |
| कला | 2h |
| नाडिका (घटी) | 24 min |
| पल (विपल) | 24 sec |
| मुहूर्त | 48 min |
| प्रहर (याम) | 3h |
| अहोरात्र | 24h |
प्रत्येक मुहूर्त ४८ मिनटक होइत अछि। सूर्योदय सँ शुरू कय कय, १५ दिनक समयक लेल आ १५ रातिक समयक लेल होइत अछि। शुभ मुहूर्त सभ के हरियर रंग सँ, आ अशुभ के लाल रंग सँ चिन्हित कयल जाइत अछि।
वैदिक समय इकाई सभक उपयोग अखनो मुहूर्त शास्त्र (निर्वाचन ज्योतिष), पञ्चाङ्ग गणना, होरा चार्ट आ ज्योतिषीय परामर्श सभ मे कयल जाइत अछि। विवाह, गृह प्रवेश, वा नामकरण समारोह सभक लेल शुभ समयक चयन करैत काल, समय प्रायः घटी-पल संकेतन मे देल जाइत अछि। प्रत्येक पञ्चाङ्ग मे तिथि, नक्षत्र आ योगक आरम्भ/अन्त समय घटी-पल प्रारूप मे दर्ज होइत अछि।
नीचा देल गेल इन्टरैक्टिव उपकरण अहाँक स्थानक आधार पर वर्तमान वैदिक समय (घटी, पल, विपल), चलैत मुहूर्त, आ प्रहर देखाबैत अछि\
प्राचीन भारतीय समय पद्धति – घटी, पल, विपल
UTC
वैदिक प्रणाली दिन को 30 मुहूर्तों (~48 मिनट प्रत्येक), 8 प्रहरों (~3 घंटे), घटिकाओं (24 मिनट), पलों (24 सेकंड) और विपलों (0.4 सेकंड) में विभाजित करती है। आधुनिक 24-घंटे की घड़ी से भिन्न, वैदिक दिन सूर्योदय से प्रारम्भ होता है।
प्रत्येक मुहूर्त का अपना गुण है: ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से ~96 मिनट पहले) ध्यान और अध्ययन के लिए सर्वाधिक शुभ माना जाता है। अभिजित मुहूर्त (मध्याह्न) सर्वत्र अनुकूल है। राहु काल, यमगण्ड और गुलिक काल वार के ग्रह स्वामी के अनुसार अशुभ समय दर्शाते हैं।