दैनिक पंचांग
गुरुवार पंचांग गुरुवार, 4 जून 2026 – चतुर्थी, उत्तराषाढ़ा
वैदिक पंचांग गुरुवार, 4 जून 2026: चतुर्थी तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, शुक्ल योग। सूर्योदय 05:40, राहु काल 14:06–15:47।
गुरुवार, गुरुवार, 4 जून 2026
आज के पाँच अंग
आज का पंचांग **चतुर्थी** तिथि, **उत्तराषाढ़ा** नक्षत्र और **शुक्ल** योग से परिभाषित है। कृष्ण पक्ष की घटती ऊर्जा चिंतन और पूर्णता के लिए अनुकूल।
तिथि: चतुर्थी (कृष्ण पक्ष)
नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा – आज चन्द्रमा की स्थिति ज्ञान और यात्रा को प्रभावित करती है।
योग: शुक्ल
वार: गुरुवार
समय
शुभ और अशुभ काल
राहु काल 14:06 से 15:47 तक है – इस अवधि में महत्वपूर्ण नए कार्य न करें।
वर्ज्यम् काल 09:53 से 11:40 तक सक्रिय है। इस समय नए कार्य न करें।
अमृत काल 17:54 से 19:41 तक है – महत्वपूर्ण निर्णयों, अनुष्ठानों और नए कार्यों के लिए सर्वोत्तम समय।
यमगण्ड: 05:40–07:21
मार्गदर्शन
चतुर्थी और उत्तराषाढ़ा का संयोग आज चल रहे कार्यों को पूरा करने, ऋण चुकाने और आध्यात्मिक अभ्यास के लिए उपयुक्त बनाता है।
अपने स्थान के अनुसार व्यक्तिगत पंचांग के लिए देखो पंचांग पर जाएं।
आज का राशिफल
आज संतुलन आपकी महाशक्ति है। बदलती ऊर्जाओं के बीच केंद्र में रहें।
आज संतुलन आपकी महाशक्ति है। बदलती ऊर्जाओं के बीच केंद्र में रहें।
आज संतुलन आपकी महाशक्ति है। बदलती ऊर्जाओं के बीच केंद्र में रहें।
प्रचुरता आपको घेरे हुए है – प्राप्त करने के लिए अपना हृदय खोलें।