मकर संक्रान्ति
Januaryसूर्य की उत्तरायण यात्रा – तिल, पतंग, गंगा स्नान।
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२०26 और २०27 के लिए भारत और विश्व के शहरों में सटीक तिथि, मुहूर्त और पूजा समय।
प्रत्येक त्योहार पृष्ठ पर आपको मिलेगा: काल-व्याप्ति आधारित सटीक तारीख, सूर्योदय और तिथि समय, शहर-विशेष पूजा मुहूर्त, व्रत एवं अनुष्ठान विधि, और ऐतिहासिक-पौराणिक संदर्भ।
प्रत्येक पर्व पृष्ठ पर आपको मिलेगा
सूर्य की उत्तरायण यात्रा – तिल, पतंग, गंगा स्नान।
सरस्वती पूजा – वसन्त आगमन, विद्यारम्भ का शुभ दिन।
पूर्णिमा की रात्रि होलिका दहन – भक्ति की असुर पर विजय।
रंगों का त्योहार – वसन्त उत्सव, प्रेम और आनन्द का पर्व।
भगवान राम का जन्मोत्सव – चैत्र शुक्ल नवमी पर मध्याह्न मुहूर्त पूजा।
हनुमान जन्मोत्सव – सूर्योदय अभिषेक, सुन्दरकाण्ड पाठ।
सम्पूर्ण दिन शुभ मुहूर्त – स्वर्ण क्रय, विवाह, नए उद्यम के लिए उत्तम।
गुरु सम्मान की पूर्णिमा – व्यास पूजा, कृतज्ञता, आध्यात्मिक नवीकरण।
शिव-पार्वती मिलन का व्रत – प्रदोष काल पूजा, निर्जला उपवास।
दस दिवसीय गणेश उत्सव – मध्याह्न स्थापना, अनन्त चतुर्दशी पर विसर्जन।
विजयादशमी – अपराह्न मुहूर्त रावण दहन, शस्त्र पूजा, शमी पूजन।
धनवंतरि जयन्ती – प्रदोष काल स्वर्ण-रजत क्रय, यम दीपम।
छोटी दीपावली – अरुणोदय काल में सूर्योदय से पूर्व अभ्यंग स्नान।
दीपों का पर्व – प्रदोष काल लक्ष्मी पूजा, आतिशबाजी, दीपोत्सव।
इन्द्र पर कृष्ण की विजय – अन्नकूट भोग, सूर्योदय पर गो पूजा।
भाई-बहन का पर्व – मध्याह्न में बहन का तिलक, आशीर्वाद अनुष्ठान।
चार दिवसीय सूर्य उपासना – सायं व प्रातः अर्घ्य, नदी तट पर अनुष्ठान।
निशीथ काल में कृष्ण जन्म – उपवास, दही हांडी, भजन-कीर्तन।
रक्षा का बंधन – अपराह्न में राखी, भद्रा काल का परिहार।
शिव की महारात्रि – चार प्रहर पूजा, निशीथ काल सर्वाधिक पवित्र।
प्रत्येक शहर के निर्देशांक से सटीक सूर्योदय, तिथि और पूजा मुहूर्त की गणना की जाती है।
त्योहार के नाम पर क्लिक करके शहर चुनें। प्रत्येक त्योहार × शहर × 2026/2027 का अलग पृष्ठ उपलब्ध है।
अधिकांश हिन्दू त्योहार सौर मास पर नहीं, चन्द्र-सौर वैदिक पंचांग पर आधारित हैं। एक त्योहार की तिथि तीन निर्देशांकों का संयोजन है: मास (12 चान्द्र मासों में से एक), पक्ष (कृष्ण या शुक्ल — क्षीयमान या वर्धमान आधा), तथा तिथि (पक्ष का 1-15 चान्द्र दिन)। उदाहरण: दीपावली अमावस्या तिथि, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष पर पड़ती है। चूँकि चान्द्र-सौर वर्ष सौर वर्ष से लगभग 11 दिन छोटा है, हर 2-3 वर्ष में एक अधिक मास (अतिरिक्त 13वाँ मास) जोड़ा जाता है ताकि ऋतुओं के साथ तालमेल बना रहे।
हमारा त्योहार इंजन प्रत्येक तिथि को आपके स्थान पर सूर्योदय के सापेक्ष गणना करता है — स्थिर भारत-केन्द्रित तालिकाओं का प्रयोग नहीं। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि एक तिथि उत्तरी अमेरिका में किसी अन्य दिन पर हो सकती है। प्रत्येक नियम — जैसे जन्माष्टमी निशीथ (मध्यरात्रि) में अष्टमी की उपस्थिति माँगती है, गणेश चतुर्थी मध्याह्न में चतुर्थी की उपस्थिति माँगती है — स्थानीय निर्देशांक से ही ठीक से लागू होता है। त्योहार नियम पाठ्यक्रम इस तर्क को विस्तार से समझाता है।
दो प्रमुख परम्पराएँ — स्मार्त और वैष्णव — एक ही खगोलीय गणनाओं का उपयोग करती हैं परन्तु तिथि-चयन नियम भिन्न हैं। वैष्णव परम्परा "विद्ध" (दूषित) तिथि को अस्वीकार करती है यदि पिछली तिथि सूर्योदय पर हो; स्मार्त परम्परा इसे अनदेखा करती है। एकादशी पर वर्ष में लगभग 4-6 बार अन्तर होता है। हमारी मानक व्यवस्था स्मार्त (काल-व्याप्ति) है — मुख्यधारा प्रकाशित पंचांग के अनुरूप। पूर्ण विवेचन के लिए स्मार्त-वैष्णव मॉड्यूल। इस्कॉन एवं गौड़ीय वैष्णव साधक हमारा इस्कॉन कैलेंडर का प्रयोग करें।
मुहूर्त (शुभ समय) त्योहार से अलग है। मुहूर्त एक कार्य के लिए सर्वोत्तम विन्डो है — विवाह, गृह प्रवेश, मुण्डन, यात्रा। हमारा मुहूर्त खोजक एवं मुहूर्त AI 20+ गतिविधियों के लिए नक्षत्र, तिथि, लग्न, एवं ग्रह स्थिति के 5-स्तम्भ नियमों के साथ शुभ विन्डो खोजते हैं। दैनिक तिथि एवं नक्षत्र देखने के लिए दैनिक पंचांग का प्रयोग करें।
क्षेत्रीय कैलेंडर अधिकांश त्योहारों पर सहमत हैं परन्तु तमिल, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम परम्पराओं में स्थानीय त्योहार एवं भिन्न नव-वर्ष होते हैं। समर्पित कैलेंडर हब पर इन सभी रूपों की तुलना करें।