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तिथि शास्त्र
पारम्परिक हिन्दू तिथियों की सम्पूर्ण सूची
हिन्दू पंचांग में प्रत्येक चांद्र तिथि (एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या, प्रदोष, चतुर्थी) का अपना धार्मिक महत्व है। नीचे प्रत्येक तिथि श्रेणी के लिए वर्ष-वार तिथियां, सूर्योदय-आधारित पालन समय और पारम्परिक मार्गदर्शन प्राप्त करें।
11वीं तिथि — व्रत दिवस
प्रत्येक पक्ष का 11वां चांद्र दिवस — वर्ष में 24 एकादशियां, प्रत्येक का अपना नाम और महत्व। भगवान विष्णु के भक्तों के लिए पवित्र व्रत दिवस; सूर्योदय-आधारित पालन समय के साथ वर्ष-वार तिथि सूची।
तिथियां देखेंपूर्ण चन्द्र दिवस
शुक्ल पक्ष का 15वां तिथि — पूर्ण चन्द्र। वर्ष में 12 पूर्णिमायें, प्रत्येक एक प्रमुख त्यौहार (गुरु पूर्णिमा, रक्षा बन्धन, शरद, कार्तिक, बुद्ध, हनुमान जयन्ती) चिह्नित करती है। पूजा और दक्षिणा के लिए शुभ।
तिथियां देखेंअमावस्या दिवस
कृष्ण पक्ष का 15वां तिथि — अमावस्या। वर्ष में 12 अमावस्यायें — शक्तिशाली सोमवती (सोमवार), शनि (शनिवार), दीपावली, और मौनी रूप सहित। पैतृक संस्कारों (तर्पण, श्राद्ध) के लिए पवित्र।
तिथियां देखें13वीं तिथि — शिव व्रत
प्रत्येक पक्ष का 13वां चांद्र दिवस — भगवान शिव को समर्पित। प्रदोष काल सूर्यास्त के आसपास का सन्ध्या समय (लगभग 1.5 घण्टे) है। शनि प्रदोष और सोम प्रदोष का विशेष महत्व है।
तिथियां देखें4थी तिथि — गणेश व्रत
प्रत्येक पक्ष का चौथा चांद्र दिवस — भगवान गणेश को समर्पित। संकष्टी चतुर्थी (कृष्ण पक्ष) विघ्न दूर करती है; विनायक चतुर्थी (शुक्ल पक्ष) आशीर्वाद आह्वान करती है। वर्ष में 24 चतुर्थियां चन्द्रोदय-समयित पूजा के साथ।
तिथियां देखेंअशुभ नक्षत्र तिथियां
6 अशुभ गण्ड मूल नक्षत्रों (अश्विनी, आश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा, मूल, रेवती) में चन्द्र गोचर की तिथियां। इन तिथियों पर जन्म के लिए पारम्परिक शान्ति पूजा आवश्यक है; नए कार्य स्थगित किए जाते हैं।
तिथियां देखेंतिथि गणना दैनिक पंचांग, त्यौहार कैलेंडर और मुहूर्त चयन का आधार है।