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गुरु पूर्णिमा 2026दिल्ली में
दिल्ली के निर्देशांकों (28.61°N, 77.21°E) के लिए सटीक पूजा समय
प्रमुख समय
त्योहार की तिथि
बुधवार, 29 जुलाई 2026
सूर्योदय
05:40
सूर्यास्त
19:14
यह तिथि क्यों?
Guru Purnima उदय तिथि नियम का पालन करता है — जिस दिन आवश्यक तिथि सूर्योदय के समय व्याप्त हो, उस दिन त्योहार मनाया जाता है। यह धर्मसिन्धु का सामान्य नियम है।
पूजा विधि
आवश्यक सामग्री
- गुरु का चित्र या पादुका (चरण पादुका)
- फूल (सफेद और पीले श्रेष्ठ)
- फल
- चन्दन का लेप
- अक्षत (साबुत चावल)
पूजा के चरण
- 1
तैयारी
जल्दी उठें, स्नान करें और स्वच्छ सफेद या हल्के रंग के वस्त्र पहनें। पूजा स्थल साफ करें और स्वच्छ कपड़े पर गुरु का चित्र ...
- 2
ध्यान (गुरु पर ध्यान)
गुरु के चित्र के सामने ध्यान मुद्रा में बैठें। आँखें बन्द करके अपने गुरु के स्वरूप, शिक्षाओं और कृपा पर ध्यान करें। गुरु...
- 3
पाद्य (चरण प्रक्षालन)
गुरु की पादुका या चित्र को पाद्य (पैर धोने का जल) अर्पित करें। गुरु मन्त्र पढ़ते हुए पादुका पर जल डालें। यदि गुरु से सशर...
फल (लाभ)
सच्चे ज्ञान और विवेक की प्राप्ति, अज्ञान का नाश, आध्यात्मिक प्रगति और मुक्ति, सम्पूर्ण गुरु परम्परा का आशीर्वाद, शिक्षा और अध्ययन में सफलता, और वेदव्यास की कृपा
गणना प्रमाण — पारदर्शी लेखा परीक्षा
देवता
वेदव्यास / गुरु
कथा एवं इतिहास
यह दिन व्यास मुनि का सम्मान करता है, जिन्होंने वेदों का संकलन, महाभारत की रचना और पुराणों का संगठन किया। इस दिन शिव ने आदि गुरु के रूप में सप्तर्षियों को योग सिखाना आरम्भ किया।
कैसे मनाएँ
अपने शिक्षकों और गुरुओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करें। गुरु पूजा करें। फूल, फल और दक्षिणा अर्पित करें।
महत्व
आषाढ़ की पूर्णिमा गुरु तत्व को समर्पित है — अन्धकार का निवारक (गु = अन्धकार, रु = निवारक)।