लखनऊ · Uttar Pradesh
भीष्म अष्टमी 2026लखनऊ में
लखनऊ के निर्देशांकों (26.85°N, 80.95°E) के लिए सटीक पूजा समय
प्रमुख समय
त्योहार की तिथि
सोमवार, 26 जनवरी 2026
सूर्योदय
06:54
सूर्यास्त
17:43
यह तिथि क्यों?
Bhishma Ashtami उदय तिथि नियम का पालन करता है – जिस दिन आवश्यक तिथि सूर्योदय के समय व्याप्त हो, उस दिन त्योहार मनाया जाता है। यह धर्मसिन्धु का सामान्य नियम है।
गणना प्रमाण – पारदर्शी लेखा परीक्षा
देवता
भीष्म पितामह, भगवान विष्णु
कथा एवं इतिहास
भीष्म अष्टमी महाभारत के महान योद्धा भीष्म पितामह को समर्पित है। राजा शान्तनु और गंगा देवी के पुत्र भीष्म ने शर-शय्या पर उत्तरायण की प्रतीक्षा कर इच्छा मृत्यु का वरदान प्रयोग किया। उनकी आजीवन ब्रह्मचर्… पूरी कथा पढ़ें →कम दिखाएँ ↑
भीष्म अष्टमी महाभारत के महान योद्धा भीष्म पितामह को समर्पित है। राजा शान्तनु और गंगा देवी के पुत्र भीष्म ने शर-शय्या पर उत्तरायण की प्रतीक्षा कर इच्छा मृत्यु का वरदान प्रयोग किया। उनकी आजीवन ब्रह्मचर्य प्रतिज्ञा और धर्मनिष्ठा अतुलनीय है।
कैसे मनाएँ
भक्त भीष्म के लिए तर्पण करते हैं – यह बिना सन्तान के गये व्यक्ति के लिए भी किया जाता है। उत्तर दिशा की ओर मुख कर तिल और जल अर्पित करते हैं। भीष्म स्तुति और विष्णु सहस्रनाम का पाठ होता है।
महत्व
भीष्म अष्टमी त्याग, दृढ़ संकल्प और प्रतिज्ञापालन का सन्देश देती है। इस दिन तर्पण करना सभी पितरों के तर्पण के समान माना जाता है।