गुरु in the प्रथम भाव
बृहत् पाराशर होराशास्त्र व्याख्या
Self & Personality
शास्त्रीय श्लोक
लग्न में गुरु जातक को सुंदर, सुखी, ईश्वर भक्त, दीर्घायु, निर्भय और शासकों द्वारा अनुग्रहीत बनाता है। ज्ञान और सौभाग्य जन्मजात हैं।
शास्त्रीय स्रोत देखें: BPHS Ch.24, Shloka 97-98
आधुनिक व्याख्या
आशावाद, ज्ञान और उदार भावना से आशीर्वादित। स्वाभाविक शिक्षक और मार्गदर्शक। शारीरिक स्वास्थ्य और गरिमापूर्ण व्यक्तित्व। दूसरे सहज रूप से आपकी सलाह चाहते हैं।
कुंजी शब्द
wisdomoptimismfortuneguidancehealth