गुरु in the अष्टम भाव
बृहत् पाराशर होराशास्त्र व्याख्या
Longevity & Occult
शास्त्रीय श्लोक
अष्टम भाव में गुरु दीर्घायु किन्तु अपमान, अल्प सम्पत्ति और दूसरों की सेवा देता है। गूढ़ ज्ञान में रुचि और अचानक हानि से सुरक्षा संकेतित है।
शास्त्रीय स्रोत देखें: BPHS Ch.24, Shloka 111-112
आधुनिक व्याख्या
संकटों में सुरक्षा और चुनौतियों के बावजूद दीर्घायु। ज्योतिष, तंत्र या आध्यात्मिक परिवर्तन में गहरी रुचि। उत्तराधिकार या बीमा लाभ संभव हैं। जीवन के रहस्यों में शोध।
कुंजी शब्द
longevityocculttransformationprotection