मङ्गल in the सप्तम भाव
बृहत् पाराशर होराशास्त्र व्याख्या
Marriage & Partnership
शास्त्रीय श्लोक
सप्तम भाव में मंगल पत्नी हानि या गृह कलह, निरुद्देश्य भटकना और अपमान देता है। मांगलिक दोष प्रबलता से लागू होता है, वैवाहिक सामंजस्य प्रभावित करता है।
शास्त्रीय स्रोत देखें: BPHS Ch.24, Shloka 61-62
आधुनिक व्याख्या
तीव्र और भावुक साझेदारी जिन्हें सावधानीपूर्ण संभालने की आवश्यकता है। जीवनसाथी आक्रामक या झगड़ालू हो सकता है। व्यापारिक साझेदारी में संघर्ष का जोखिम। मांगलिक दोष उपाय पारम्परिक रूप से अनुशंसित हैं।
कुंजी शब्द
marriageconflictmanglikpartnerships