मङ्गल in the द्वितीय भाव
बृहत् पाराशर होराशास्त्र व्याख्या
Wealth & Speech
शास्त्रीय श्लोक
द्वितीय भाव में मंगल जातक को शिक्षा और धन से वंचित करता है, कठोर वाणी, खराब भोजन और अप्रिय मुखाकृति देता है। पारिवारिक कलह संकेतित है।
शास्त्रीय स्रोत देखें: BPHS Ch.24, Shloka 51-52
आधुनिक व्याख्या
वाणी सीधी और आक्रामक है — धन पर विवाद संभव हैं। इंजीनियरिंग, शल्यचिकित्सा या सेना से कमाई। पारिवारिक वित्त अस्थिर है। दंत या चेहरे की चोट संभव।
कुंजी शब्द
harsh speechfamily discordfinancesurgery