शनि in the सप्तम भाव
बृहत् पाराशर होराशास्त्र व्याख्या
Marriage & Partnership
शास्त्रीय श्लोक
सप्तम भाव में शनि निरुद्देश्य भटकना, रोगी या वृद्ध पत्नी और सुख का अभाव देता है। विवाह में विलम्ब होता है, या पत्नी परिपक्व और जिम्मेदार होती है।
शास्त्रीय स्रोत देखें: BPHS Ch.24, Shloka 157-158
आधुनिक व्याख्या
विवाह में विलम्ब होता है किन्तु होने पर प्रायः स्थिर होता है। साथी बड़ी उम्र का, परिपक्व या भिन्न पृष्ठभूमि का हो सकता है। व्यापारिक साझेदारी में स्पष्ट अनुबंध आवश्यक हैं। निष्ठा परीक्षित होती है किन्तु पुरस्कृत।
कुंजी शब्द
delayed marriagemature spousecontractsloyalty