Loading...
Loading...
वैदिक 9×9 वेध विश्लेषण ग्रिड
सर्वतोभद्र चक्र एक 9×9 ग्रिड है जो 28 नक्षत्रों, 7 वारों, 30 तिथियों, स्वरों और दिशाओं को एक संरचित मानचित्र में व्यवस्थित करता है। जब कोई गोचर ग्रह ग्रिड की किसी कोष्ठ पर स्थित होता है, तो वह उसी पंक्ति, स्तम्भ और विकर्ण पर "वेध" (पीड़ा/प्रभाव) डालता है। शुभ ग्रहों का वेध अनुकूल होता है; अशुभ ग्रहों का वेध प्रतिकूल।
जन्म नक्षत्र वेध
यदि किसी ग्रह की वेध रेखा आपके जन्म नक्षत्र से गुज़रती है, तो वह ग्रह आप पर सीधा प्रभाव डालता है।
प्रभाव अवधि
वेध का प्रभाव तब तक रहता है जब तक गोचर ग्रह उस नक्षत्र में रहता है। चन्द्रमा ~1 दिन, सूर्य ~13 दिन, बृहस्पति ~13 मास।
शुभ बनाम अशुभ
चन्द्र, बुध, गुरु, शुक्र = शुभ। सूर्य, मंगल, शनि, राहु, केतु = अशुभ। यदि शुभ और अशुभ दोनों एक ही तत्व पर वेध करें, तो अशुभ प्रबल होता है।
विश्लेषण के लिए जन्म नक्षत्र चुनें