कांचीपुरम · Tamil Nadu
भीष्म अष्टमी 2027कांचीपुरम मे
Exact puja times & muhurta computed for Kanchipuram coordinates (12.83°N, 79.70°E)
मुख्य समय
पर्वक तिथि
Sunday, February 14, 2027
सूर्योदय
06:34
सूर्यास्त
18:16
ई तिथि किएक?
Bhishma Ashtami follows the Udaya Tithi rule – the festival is observed on the day when the required tithi prevails at sunrise. This is the default Dharmasindhu convention for festivals without a special time-window requirement.
गणनाक प्रमाण – पारदर्शी लेखा परीक्षण
देवता
भीष्म पितामह, भगवान विष्णु
कथा आ इतिहास
भीष्म अष्टमी महाभारत के महान योद्धा भीष्म पितामह को समर्पित है। राजा शान्तनु और गंगा देवी के पुत्र भीष्म ने शर-शय्या पर उत्तरायण की प्रतीक्षा कर इच्छा मृत्यु का वरदान प्रयोग किया। उनकी आजीवन ब्रह्मचर्… पूरा कथा पढू →कम देखाबू ↑
भीष्म अष्टमी महाभारत के महान योद्धा भीष्म पितामह को समर्पित है। राजा शान्तनु और गंगा देवी के पुत्र भीष्म ने शर-शय्या पर उत्तरायण की प्रतीक्षा कर इच्छा मृत्यु का वरदान प्रयोग किया। उनकी आजीवन ब्रह्मचर्य प्रतिज्ञा और धर्मनिष्ठा अतुलनीय है।
कनाय पालन करब
भक्त भीष्म के लिए तर्पण करते हैं – यह बिना सन्तान के गये व्यक्ति के लिए भी किया जाता है। उत्तर दिशा की ओर मुख कर तिल और जल अर्पित करते हैं। भीष्म स्तुति और विष्णु सहस्रनाम का पाठ होता है।
महत्व
भीष्म अष्टमी त्याग, दृढ़ संकल्प और प्रतिज्ञापालन का सन्देश देती है। इस दिन तर्पण करना सभी पितरों के तर्पण के समान माना जाता है।