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अवस्था बताबैत अछि जे ग्रह अपन फल कोना दैत अछि – केवल दऽ सकैत अछि की नहिं से नहिं। BPHS सँ पाँच वर्गीकरण प्रणाली प्रत्येक ग्रहक सम्पूर्ण मनोवैज्ञानिक चित्र बनाबैत अछि।
अवस्था शब्दक शाब्दिक अर्थ संस्कृतमे "स्थिति" वा "दशा" छी। ज्योतिषमे ई ग्रहक मनोभाव, स्वभाव आ कार्यात्मक गुणवत्ताक वर्णन करैत अछि।
बृहत् पाराशर होरा शास्त्र (BPHS) अवस्थाक पाँच भिन्न वर्गीकरण प्रणालीक वर्णन करैत अछि। प्रत्येक प्रणाली ग्रहक स्थितिकेँ भिन्न कोणसँ देखैत अछि।
राशिमे ग्रहक अंश (0°-30°) क आधार पर आयु निर्धारित होइत अछि। विषम राशिमे: बाल, कुमार, युवा, वृद्ध, मृत।
Most avasthas are fixed in the natal chart. But three forces can shift them: transits (where planets are moving now), Neecha Bhanga (debilitation cancellation), and position-bound temporary states (combustion, retrograde, planetary war).
प्रत्येक गुणवत्ता स्तर फल वितरणकेँ कोना प्रभावित करैत अछि:
सम्पूर्ण अवस्था पठन पाँचो प्रणालीकेँ मिलाकऽ प्रत्येक ग्रहक व्यक्तित्व चित्र बनाबैत अछि। उदाहरण: गुरु 15° धनुमे – शिखर शक्ति पर, पूर्ण जागृत, संतुष्ट।
विपरीत: शुक्र 27° कन्यामे – कार्यात्मक रूपसँ मृत, बेहोश, विकृत, सदिखन तृषित। शुक्र दशामे सम्बन्ध, सौन्दर्य, विवाह – गम्भीर चुनौती।