Loading...
Loading...
जतय षड्बल ग्रहक शक्ति मापैत अछि, भावबल प्रत्येक भावक शक्ति परिमाणित करैत अछि। कमजोर स्वामी वाला भाव सेहो शुभ दृष्टि सँ नीक कार्य कऽ सकैत अछि।
भावबल ("भाव शक्ति") जन्म कुण्डलीक प्रत्येक 12 भावक संख्यात्मक आकलन छी, षष्ट्यंशमे मापल जाइत अछि। षड्बल पुछैत अछि "ई ग्रह कतेक शक्तिशाली अछि?", भावबल पुछैत अछि "ई जीवन क्षेत्र कतेक समर्थित अछि?"
मुख्य अन्तर्दृष्टि: कमजोर स्वामी (कम षड्बल) वाला भाव जकर पर गुरुक पूर्ण दृष्टि होइ – उत्कृष्ट फल दऽ सकैत अछि। एकर विपरीत, उच्च षड्बल स्वामी वाला भाव जकर पर शनिक कठोर दृष्टि होइ – कम प्रदर्शन करैत अछि।
Bhavabala = Bhavadhipati Bala + Bhava Dig Bala + Bhava Drishti Bala
Unit: Shashtiamshas | Computed for each of the 12 houses
भाव स्वामीक षड्बल सोझे भावक शक्तिमे योगदान दैत अछि। जँ 7म भाव (विवाह) क स्वामीक उच्च षड्बल अछि, तँ 7म भाव आनुपातिक शक्ति प्राप्त करैत अछि। ई सबसँ महत्वपूर्ण घटक छी – बलवान स्वामी एक सक्षम प्रबन्धक जकाँ छी।
| # | House | Significations | Type |
|---|---|---|---|
| 1 | तनु (आत्म) | शरीर, रूप, व्यक्तित्व, स्वास्थ्य, जीवनशक्ति, यश, आरम्भ | Kendra |
| 2 | धन (सम्पत्ति) | परिवार, संचित धन, वाणी, खान-पान, दहिना नेत्र, प्रारम्भिक शिक्षा | Maraka |
| 3 | सहज (भाइ-बहिन) | भाइ-बहिन, साहस, संवाद, छोट यात्रा, भुजा, शौक, प्रयास | Upachaya |
| 4 | सुख | माता, गृह, सम्पत्ति, वाहन, आन्तरिक शान्ति, शिक्षा, हृदय | Kendra |
| 5 | पुत्र (सन्तान) | सन्तान, बुद्धि, सृजनशीलता, प्रेम, पूर्व पुण्य, मन्त्र, उदर | Trikona |
| 6 | रिपु (शत्रु) | शत्रु, रोग, ऋण, बाधा, सेवा, मामा, पाचन तन्त्र | Dusthana |
| 7 | कलत्र (जीवनसाथी) | विवाह, जीवनसाथी, व्यापारिक साझेदारी, विदेश यात्रा, सार्वजनिक व्यवहार | Kendra |
| 8 | आयु (दीर्घायु) | आयु, अचानक घटना, विरासत, गूढ़, रूपान्तरण, प्रजनन अंग, शोध | Dusthana |
| 9 | धर्म (भाग्य) | पिता, गुरु, भाग्य, उच्च शिक्षा, तीर्थयात्रा, धर्म, दर्शन | Trikona |
| 10 | कर्म (वृत्ति) | करियर, प्रतिष्ठा, अधिकार, सरकार, उपलब्धि, घुटना, सार्वजनिक छवि | Kendra |
| 11 | लाभ | आय, लाभ, बड़का भाइ-बहिन, मित्र, पूर्ण इच्छा, टखना, सामाजिक जाल | Upachaya |
| 12 | व्यय (हानि) | हानि, व्यय, विदेश, मोक्ष, शय्या सुख, बामा नेत्र, निद्रा, एकान्त, आध्यात्मिकता | Dusthana |
जीवनक चारि स्तम्भ। ग्रह एतय पूर्ण बलसँ कार्य करैत अछि। केन्द्रेश तटस्थ – राजयोगक लेल त्रिकोण सम्बन्ध चाही।
सबसँ बलवान भावबलक भाव ओ जीवन क्षेत्र देखबैत अछि जे सबसँ सहज कार्य करैत अछि – अवसर स्वाभाविक रूपसँ अबैत अछि। 10म सबसँ बलवान हो तँ करियर सहज, 5म तँ सन्तान आ सृजनशीलता आशीर्वादित।
सबसँ कमजोर भाव सचेतन प्रयास आ लक्षित उपचार माँगैत अछि। भावेशकेँ सशक्त करू (रत्न, मन्त्र), दृष्टि दैत पापग्रहक उपचार करू। कमजोरी विफलता नहि – ओइ क्षेत्रमे सचेतन विकासक आवश्यकता।
| House | Remedies |
|---|---|
| 1 | सूर्य नमस्कार, कमजोर लग्नेशक लेल माणिक, लग्नेश मन्त्र |
| 2 | सोमवार केँ भोजन दान, पारिवारिक सद्भाव, सरस्वती मन्त्र |
| 3 | नियमित व्यायाम, छोट भाइ-बहिनक सेवा, साहसक लेल हनुमान चालीसा |
| 4 | माताक सेवा, गृह पूजा स्थान, दूध दान, सोमवार चन्द्र मन्त्र |
| 5 | सन्तान बाधाक लेल गणेश पूजा, सृजनात्मक अभ्यास, सरस्वती यन्त्र |
| 6 | भटकैत पशुकेँ खिलाबऽ, शत्रु सुरक्षा हेतु दुर्गा पूजा, स्वास्थ्य नियम |
| 7 | शुक्र सशक्तीकरण (हीरा), दम्पति अनुष्ठान, पार्वती-शिव पूजा |
| 8 | महामृत्युंजय जप, कारी तिल दान, बीमा, काली पूजा |
| 9 | गुरु/पिताक सम्मान, तीर्थयात्रा, विष्णु सहस्रनाम, गुरुवार पीयर वस्तु दान |
| 10 | सूर्य पूजा, ईमानदारीसँ अधिकारी सेवा, गहुम दान, आदित्य हृदय स्तोत्र |
| 11 | ईमानदारीसँ नेटवर्किंग, बड़का भाइ-बहिनक सेवा, 11म भावेश-सम्बन्धित दान |
| 12 | ध्यान अभ्यास, अस्पताल/आश्रम दान, विष्णु शयन पूजा, विदेशमे दान |