Jupiter in the 9th House
BPHS Interpretation
Fortune & Dharma
Classical Verse
नवम भावमे बृहस्पति जातककेँ ईश्वर-भक्त, भाग्यशाली, ज्ञानी, धनी, प्रसिद्ध, आओर पुत्रवान बनाबैत अछि। एहि स्थानमे आध्यात्मिक आओर भौतिक आशीर्वाद प्रचुर मात्रामे होइत अछि।
View Classical Source: BPHS Ch.24, Shloka 113-114
Modern Interpretation
बृहस्पति लेल ई सबसँ शुभ स्थान अछि – धर्म, भाग्य, आओर उच्च शिक्षा फलीभूत होइत अछि। अहाँ शिक्षक, गुरु वा आध्यात्मिक मार्गदर्शक बनैत छी। पिता सम्मानित होइत छथि। तीर्थयात्रा आओर विदेश यात्रा सँ आशीर्वाद प्राप्त होइत अछि।
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