Mercury in the 12th House
BPHS Interpretation
Loss & Liberation
Classical Verse
द्वादश भावमे बुध जातककेँ नीच, भाषणमे अप्रभावी, आलसी आ धनहीन बनबैत अछि। यदि शुभ दृष्ट होय, तँ विदेशी संचार कार्य आ समृद्ध आंतरिक मानसिक जीवन संभव अछि।
View Classical Source: BPHS Ch.24, Shloka 95-96
Modern Interpretation
मन रहस्यमय तरीकासँ काज करैत अछि – कल्पना आ दृश्यावलोकन प्रबल होइत अछि। विदेशमे वा परदाक पाछू काज। शिक्षा वा संचार पर व्यय। आध्यात्मिक लेखन वा डायरी लेखनसँ स्पष्टता भेटैत अछि।
Keywords
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