Moon in the 2nd House
BPHS Interpretation
Wealth & Speech
Classical Verse
द्वितीय भावमे चन्द्रमा जातककेँ धनी, उत्तम भोजनक प्रेमी, सुन्दर मुखवला आ विद्वान बनबैत अछि। परिवार पैघ होयत आ आय अनेक स्रोतसँ प्राप्त होयत।
View Classical Source: BPHS Ch.24, Shloka 27-28
Modern Interpretation
मधुर, प्रेरक वाणी आ आरामक प्रति प्रेम। पारिवारिक जीवन समृद्ध आ पालन-पोषण करयवला होइत अछि। भोजन, आतिथ्य वा सार्वजनिक भूमिकाक माध्यमसँ धन संचित होइत अछि। वस्तुसभक प्रति भावनात्मक लगाव रहैत अछि।
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