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अल्पायुयोगः
निर्माण नियम
दुनू पहिल आ सातम भाव मे पाप ग्रह
उदाहरण कुण्डली
मेष लग्न उदाहरण — वास्तविक स्थिति भिन्न हो सकती है
अल्पायु योग एकटा स्वास्थ्य संकेतक अछि जखन पाप ग्रह लग्न अक्षकें घेरने रहैत छथि। स्वास्थ्यक प्रति सजगता आवश्यक अछि। बृहस्पतिक दृष्टि अथवा सबल लग्न स्वामी एहि योगकें उल्लेखनीय रूपें न्यून करैत अछि।
स्वास्थ्य सजगता
स्वास्थ्यक प्रति सचेतनताक आवश्यकता, नियमित चिकित्सीय जाँच।
अल्पायु योग बला व्यक्ति प्रायः अपन शारीरिक स्वास्थ्यक प्रति सतर्क दृष्टिकोण रखैत छथि, संभावित दुर्बलताक अंतर्निहित जानकारीक कारण ओ प्रायः स्वास्थ्य जाँच कराबय छथि। ई ग्रह स्थिति एहन स्वभाव केँ जन्म द' सकैत अछि जे आत्म-देखभाल आ चिकित्सकीय सलाह केँ प्राथमिकता दैत अछि, कहियो-कहियो सहज जीवनक त्याग करैत। यद्यपि ई आवश्यक नहि जे दीर्घकालिक रोगक संकेत हो, तथापि ई जीवन भरि स्वास्थ्यक प्रति निरंतर सतर्कताक आवश्यकता पर जोर दैत अछि।
अल्पायु योगक प्रभाव सामान्यतः संबंधित पापी ग्रहसभक — विशेषतः शनि, मंगल, राहु, वा केतु — वा प्रथम वा सप्तम भावक स्वामीक, यदि पीड़ित होथि, तकर दशा वा अंतर्दशाक अवधि मे प्रकट होइत अछि।