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बालारिष्टयोगः
निर्माण नियम
चन्द्रमा दुस्थान (6/8/12) मे पाप ग्रह द्वारा पीड़ित, लग्न स्वामी दुर्बल
उदाहरण कुण्डली
मेष लग्न उदाहरण — वास्तविक स्थिति भिन्न हो सकती है
बालारिष्ट (बचपनक खतरा) योग प्रारंभिक जीवन मे स्वास्थ्य चुनौती सभक संकेत दैत अछि। दुस्थान मे पाप ग्रहक प्रभाव अंतर्गत चन्द्रमा (पोषक) शैशवावस्था मे दुर्बलताक सूचना दैत अछि। बृहस्पतिक दृष्टि अथवा सबल लग्न स्वामी एहि खतराकें रद्द करैत अछि।
बचपनक स्वास्थ्य
प्रारंभिक जीवन मे स्वास्थ्य दुर्बलता, शैशवावस्था मे विशेष सावधानीक आवश्यकता।
ई योग मुख्य रूप सँ शैशवावस्था आ प्रारंभिक बाल्यावस्थामे नाजुक स्वास्थ्यक रूपमे प्रकट होइत अछि, जाहिमे माता-पिताक अत्यधिक सतर्कता आ देखभालक आवश्यकता होइत अछि। व्यक्ति अपन प्रारंभिक वर्षसभमे बारम्बार छोट-छोट बीमारी वा विशिष्ट स्वास्थ्य दुर्बलतासभक अनुभव क' सकैत अछि। यद्यपि वयस्क कैरियर वा सम्बन्धसभ पर एकर सीधा प्रभाव न्यूनतम अछि, तथापि ई प्रारंभिक चुनौतीसभ कहियो-कहियो बादक जीवनमे बेसी सतर्क वा स्वास्थ्य-सचेत स्वभावकेँ बढ़ावा द' सकैत अछि, वा साझा अनुभवसभक माध्यम सँ पारिवारिक बन्धनकेँ मजबूत क' सकैत अछि।
बालारिष्ट योगक प्रभाव मुख्य रूप सँ चन्द्रमाक (चन्द्र) दशा वा अन्तर्दशाक समयमे, विशेषतः प्रारंभिक बाल्यावस्थामे, अनुभव कएल जाइत अछि। चन्द्रमा वा लग्न स्वामीकेँ प्रभावित करयवला पापी ग्रहीय अवधि सेहो एहि दुर्बलतासभकेँ उत्प्रेरित क' सकैत अछि।