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चतुर्मुखयोगः
निर्माण नियम
प्रत्येक 4 केन्द्र में शुभ ग्रह
उदाहरण कुण्डली
मेष लग्न उदाहरण — वास्तविक स्थिति भिन्न हो सकती है
चतुर्मुख (ब्रह्मा की तरह चार-मुखी) योग — अत्यंत भाग्यशाली, चारों दिशाओं में यश, शास्त्रीय ग्रन्थों के अनुसार 96+ वर्ष आयु।
सर्वोच्च भाग्य
चारों दिशाओं में यश, दीर्घायु, सर्वोच्च भाग्य।