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मालायोगः
निर्माण नियम
तीन केन्द्रमे शुभ ग्रह, पाप ग्रह केवल तेसर/छठम/एकादशमे
उदाहरण कुण्डली
मेष लग्न उदाहरण — वास्तविक स्थिति भिन्न हो सकती है
माला योग — शुभ ग्रह केन्द्र भावकें सुसज्जित करैत यश, सुख, आ सम्पन्नता प्रदान करैत छथि, जेना फूलक मालासँ सिंगार होइत अछि। ई नभस योग अत्यन्त दुर्लभ आ अत्यधिक शुभ अछि।
축복의 화환
यश, सुख, सम्पन्नता — फूलसँ सुसज्जित होएबाक समान।
माला योगवला व्यक्ति प्रायः स्वाभाविक सहजता आ सार्वजनिक पहचान सँ युक्त जीवनक अनुभव करैत छथि। ओ सभ मे प्रसन्न आ संतुष्ट स्वभाव होइत अछि, जे स्वाभाविक रूप सँ सकारात्मक परिस्थिति आ सुखकें आकर्षित करैत अछि। हुनकर करियरक मार्ग प्रायः सम्मान आ प्रभावक पद दिस अग्रसर होइत अछि, जखन कि हुनकर संबंध सामान्यतः सामंजस्यपूर्ण होइत अछि, जे समग्र खुशीक भावना आ अपन समुदाय मे सम्मानित होयब मे योगदान करैत अछि।
माला योगक शुभ फल सामान्यतः एकर निर्माण मे शामिल शुभ ग्रहसभ (गुरु, शुक्र, बुध, बली चंद्र) कें दशा वा अंतर्दशा काल मे प्रकट होइत अछि, विशेष रूप सँ जखन ई काल केंद्र भाव मे अनुकूल गोचरक संग मेल खाए।