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वञ्चनाचोरभीतियोगः
निर्माण नियम
७म स्वामी राहु संग युति वा राहुक नवमांशमे, पाप ग्रहक दृष्टिसँ
उदाहरण कुण्डली
मेष लग्न उदाहरण — वास्तविक स्थिति भिन्न हो सकती है
ई योग छल-कपट, चोरी, आ विश्वासघातक भयक संकेत दैत अछि। जातककें अविश्वासयोग्य साझेदार, आर्थिक धोखाधड़ी, वा भय उत्पन्न करयवाली परिस्थितियों सँ सामना भऽ सकैत अछि। साझेदारीमे सचेतता आ सावधानी अत्यावश्यक अछि।
विश्वास आ धोखा
विश्वासघातक जोखिम, साझेदारीमे छल-कपट, सावधानीक आवश्यकता।
सप्तमेशक राहु आ अशुभ ग्रहसभक संग संलग्नताक कारण, ई योग प्रायः व्यक्तिगत आ व्यावसायिक दुनू प्रकारक साझेदारीमे बारम्बार चुनौतीक रूपमे प्रकट होइत अछि, जतय जातककेँ बारम्बार छल वा विश्वासघातक सामना करय पड़ि सकैत अछि। वित्तीय सुरक्षा आ विश्वासक विषयमे एकटा निरन्तर अन्तर्निहित चिन्ता भऽ सकैत अछि, जाहि सँ एकटा सतर्क, कहियो-काल्हि सन्देहास्पद, स्वभाव विकसित होइत अछि। ई स्वरूप अविश्वसनीय सहयोगक माध्यम सँ वृत्तिक प्रगति पर प्रभाव डालि सकैत अछि आ भेद्यताक भय सँ व्यक्तिगत सम्बन्धसभमे तनाव उत्पन्न कऽ सकैत अछि।
ई योगक प्रभाव सामान्यतः सप्तमेश, राहु, वा हुनका दृष्ट करयवला अशुभ ग्रहक दशा वा अन्तर्दशा कालमे सक्रिय होइत अछि। शनि वा राहुक ई संवेदनशील बिन्दुसभ पर गोचर सेहो सम्बन्धित अनुभवसभकेँ उत्प्रेरित कऽ सकैत अछि।