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शुक्ल द्वादशी सेहो विष्णु, जे पूर्णता, जीविका, आ दिव्य आशीर्वाद के प्रतिनिधित्व करैत छथि, क अध्यक्षता मे होइत अछि। ई तिथि व्रत समाप्त करबय, शुभ समारोह करबय, आ एकादशी पर राखल गेल उपवास तोड़बाक लेल अत्यंत शुभ मानल जाइत अछि। ई पूर्णता आ समृद्धि के संकेत दैत अछि। एकटा पारंपरिक अनुष्ठान परिहार द्वादशी अछि, जतय भक्त निर्धारित समय पर अपन एकादशी उपवास तोड़ैत छथि, विष्णु के प्रार्थना आ भोजन अर्पित करैत छथि, अपन आध्यात्मिक अनुशासन के पूर्ण योग्यता सुनिश्चित करैत छथि।
शुक्ल द्वादशी, जे भगवान विष्णु के लेल सेहो समर्पित अछि, एकादशी व्रत (पारण) के शुभ समय पर तोड़बाक लेल मनाओल जाइत अछि। भक्त लोकनि भगवान विष्णु के पूजा करैत छथि ओ दान करैत छथि। नव कार्य, विशेष रूप सँ आध्यात्मिक कार्य, शुरू करबाक ओ महत्वपूर्ण कार्यक के समाप्त करबाक लेल ई शुभ अछि। एकादशी व्रत के पूर्ण लाभ प्राप्त करबाक लेल निर्धारित पारण समय सँ पहिने भोजन करबा सँ बचब चाही। मांसाहारी भोजन, शराब, वा तामसिक भोजन के सेवन सँ बचू। 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र के जप करब चाही। दान मे ब्राह्मणक ओ जरूरतमंदक के भोजन, वस्त्र, वा धन दान करब शामिल अछि, विशेष रूप सँ एकादशी व्रत तोड़लाक बाद, आध्यात्मिक पुण्य के लेल।
बुध दिनक स्वामी बुध (सौम्य) छथि, जे बुद्धि, संचार आ व्यावसायिक कुशाग्रता केँ प्रतीक अछि। हिनक स्वभाव अनुकूलनीय, हास्यपूर्ण आ विश्लेषणात्मक अछि, जे शिक्षा आ व्यापार केँ प्रभावित करैत अछि। ई दिन नव अध्ययन शुरू करबाक, अनुबंध पर हस्ताक्षर करबाक, व्यावसायिक लेनदेन, आ बौद्धिक प्रयासक लेल अत्यंत शुभ अछि। ई सामान्यतः संचार, लेखन आ यात्राक लेल अनुकूल अछि। भक्तगण प्रायः बुध दिन भगवान विष्णु वा विठोबाक पूजा करैत छथि, ज्ञान, समृद्धि आ प्रयास मे सफलताक कामना करैत। हरियर मूंग अर्पित करब वा विष्णु सहस्रनाम पाठ करब आशीर्वादक लेल सामान्य प्रथा अछि।
दरभंगा मे बुध दिन, 31 दिसंबर 2025 क तिथि द्वादशी, नक्षत्र कृत्तिका, योग साध्य ओ करण बव अछि। सूर्योदय 06:33, सूर्यास्त 17:05। राहु काल 11:49–13:08 धरि रहत अछि — एहि समय मे कोनो नव शुभ कार्य शुरू करबा सँ बचू।
| तिथि | द्वादशी |
| नक्षत्र | कृत्तिका |
| योग | साध्य |
| करण | बव |
| वार | बुधवार |
| सूर्योदय | 06:33 |
| सूर्यास्त | 17:05 |
| राहु काल | 11:49 – 13:08 |
| अभिजीत मुहूर्त | 11:28 – 12:10 |
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हर शब्द के पीछे की शास्त्रीय परिभाषा, गणितीय आधार और व्यावहारिक प्रयोग।
चान्द्र दिवस — सूर्य-चन्द्र के बीच 12° का अन्तर। प्रति मास 30।
चान्द्र भवन — 27 तारकीय भाग, प्रत्येक 13°20' का।
27 सूर्य-चन्द्र संयोग; (सूर्य+चन्द्र) ÷ 13°20'।
अर्ध-तिथि (6° अन्तर)। विष्टि सहित 11 करण।
वार और स्वामी ग्रह। जूलियन दिवस से निर्धारित।
अशुभ 90 मिनट का काल। वार के अनुसार स्थान बदलता है।
महत्वपूर्ण कार्यों के लिए शुभ काल।