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शुक्ल सप्तमी सूर्य, जे सूर्य देवता छथि आ जीवन शक्ति, स्वास्थ्य, आ ज्ञान के प्रतीक छथि, क शासन अछि। ई तिथि कल्याण के बढ़ावा देबय, नव यात्रा शुरू करबय, आ आध्यात्मिक अभ्यास मे संलग्न रहबाक लेल अत्यंत शुभ अछि। ई कार्य मे ऊर्जा आ स्पष्टता भरैत अछि। एकटा महत्वपूर्ण अनुष्ठान रथ सप्तमी अछि, सूर्य देवता के जन्म के उत्सव मनाबय, जतय भक्त पवित्र स्नान करैत छथि आ सूर्य के प्रार्थना करैत छथि उत्तम स्वास्थ्य, समृद्धि, आ आध्यात्मिक ज्ञान के लेल।
शुक्ल सप्तमी, जे सूर्य देव (सूर्य भगवान) के लेल समर्पित अछि, स्वास्थ्य, जीवन शक्ति, ओ समृद्धि के लेल मनाओल जाइत अछि। भक्त लोकनि उगैत सूर्य के अर्घ्य (जल) चढ़ाबैत छथि ओ सूर्य पूजा करैत छथि। सूर्य व्रत करब रोग ठीक करबाक लेल लाभकारी अछि। चिकित्सा उपचार, सरकारी काज, वा नेतृत्व के भूमिका खोजब शुभ अछि। तेल मालिश, नून के सेवन (किछु व्रतक लेल), वा विवाद मे पड़बा सँ बचू। मांस वा शराब के सेवन सँ बचू। 'ॐ सूर्याय नमः' वा 'ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणाय मनोवांछित फलं देहि देहि स्वाहा' मंत्र के जप करब चाही। दान मे ब्राह्मणक वा जरूरतमंदक के गेहूं, गुड़, लाल वस्त्र, वा तांबा के बर्तन दान करब शामिल अछि।
मंगल दिनक स्वामी मंगल (भौम) छथि, जे ऊर्जा, साहस आ दृढ़ता केँ मूर्तरूप दैत छथि। हिनक स्वभाव अग्नि तत्वक, गतिशील आ रक्षात्मक अछि, जे शारीरिक शक्ति आ संपत्ति संबंधी मामला केँ प्रभावित करैत अछि। ई दिन शक्ति, संघर्षक समाधान, आ भूमि वा इंजीनियरिंग सँ संबंधित काजक लेल शुभ अछि। ई सामान्यतः शल्य चिकित्सा वा प्रतिस्पर्धी प्रयासक लेल अनुकूल अछि। भक्तगण प्रायः हनुमान चालीसाक पाठ करैत छथि आ भगवान हनुमानक पूजा करैत छथि मंगलक चुनौतीपूर्ण प्रभाव केँ कम करबाक लेल आ शक्ति, साहस आ विपत्ति सँ रक्षा प्राप्त करबाक लेल। बाधा पर विजय प्राप्त करबाक लेल सेहो उपवास राखल जाइत अछि।
दरभंगा मे मंगल दिन, 24 फरवरी 2026 क तिथि सप्तमी, नक्षत्र कृत्तिका, योग ऐन्द्र ओ करण वणिज अछि। सूर्योदय 06:14, सूर्यास्त 17:44। राहु काल 14:52–16:18 धरि रहत अछि — एहि समय मे कोनो नव शुभ कार्य शुरू करबा सँ बचू।
| तिथि | सप्तमी |
| नक्षत्र | कृत्तिका |
| योग | ऐन्द्र |
| करण | वणिज |
| वार | मंगलवार |
| सूर्योदय | 06:14 |
| सूर्यास्त | 17:44 |
| राहु काल | 14:52 – 16:18 |
| अभिजीत मुहूर्त | 11:36 – 12:22 |
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हर शब्द के पीछे की शास्त्रीय परिभाषा, गणितीय आधार और व्यावहारिक प्रयोग।
चान्द्र दिवस — सूर्य-चन्द्र के बीच 12° का अन्तर। प्रति मास 30।
चान्द्र भवन — 27 तारकीय भाग, प्रत्येक 13°20' का।
27 सूर्य-चन्द्र संयोग; (सूर्य+चन्द्र) ÷ 13°20'।
अर्ध-तिथि (6° अन्तर)। विष्टि सहित 11 करण।
वार और स्वामी ग्रह। जूलियन दिवस से निर्धारित।
अशुभ 90 मिनट का काल। वार के अनुसार स्थान बदलता है।
महत्वपूर्ण कार्यों के लिए शुभ काल।