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शुक्ल नवमी दुर्गा, जे शक्ति, संरक्षण, आ बुराई पर विजय के देवी छथि, क अध्यक्षता मे होइत अछि। ई तिथि दिव्य संरक्षण लेबय, प्रयास मे सफलता प्राप्त करबय, आ आध्यात्मिक संकल्प के मजबूत करबाक लेल अत्यंत शुभ अछि। ई कानूनी लड़ाई आ धार्मिकता स्थापित करबाक लेल अनुकूल अछि। एकटा महत्वपूर्ण अनुष्ठान राम नवमी अछि, भगवान राम के जन्म के उत्सव मनाबय, वा नवरात्रि के दौरान महानवमी, जे शक्ति आ विजय के लेल दुर्गा के पूजा के समर्पित अछि।
शुक्ल नवमी, जे देवी दुर्गा के लेल समर्पित अछि, शक्ति, विजय, ओ रक्षा के लेल मनाओल जाइत अछि। भक्त लोकनि दुर्गा पूजा करैत छथि, दुर्गा सप्तशती के पाठ करैत छथि, ओ लाल फूल चढ़ाबैत छथि। नवमी व्रत करब अत्यंत पुण्यकारी अछि। प्रतिस्पर्धी कार्य, कानूनी लड़ाई, वा शत्रु के विरुद्ध दिव्य हस्तक्षेप खोजब शुभ अछि। आलस्य, नव संबंध शुरू करबा सँ, वा पैघ वित्तीय लेनदेन मे पड़बा सँ बचू। मांस, शराब, वा प्याज/लहसुन के सेवन सँ बचू। 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे' मंत्र वा दुर्गा चालीसा के पाठ करब चाही। दान मे कन्याक (छोटकी लड़कीक) वा महिलाक के लाल वस्त्र, मिठाई, वा भोजन दान करब शामिल अछि, जे शक्ति ओ साहस के लेल आशीर्वाद मांगैत अछि।
रवि दिनक स्वामी सूर्य (रवि) छथि, जे आत्मा, अधिकार आ जीवन-शक्ति केँ प्रतिनिधित्व करैत छथि। हिनक स्वभाव अग्नि तत्वक, शाही आ प्रकाशमान अछि, जे नेतृत्व आ स्वास्थ्य केँ दर्शाबैत अछि। ई दिन सरकारी काज, वरिष्ठ लोकनिक आशीर्वाद प्राप्त करबाक, आ नव उद्यम शुरू करबाक लेल शुभ अछि। ई सामान्यतः साहस आ आत्मविश्वासक आवश्यकता वला काजक लेल अनुकूल अछि। सूर्य केँ सम्मान देबाक लेल, भक्तगण सूर्य नमस्कार करैत छथि आ सूर्योदयक समय तांबाक पात्र सँ जल अर्पित करैत छथि, नीक स्वास्थ्य आ सफलताक कामना करैत। रवि दिन उपवास सेहो जीवन-शक्ति आ समृद्धिक लेल राखल जाइत अछि।
दरभंगा मे रवि दिन, 24 मई 2026 क तिथि नवमी, नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी, योग हर्षण ओ करण बालव अछि। सूर्योदय 04:56, सूर्यास्त 18:30। राहु काल 16:48–18:30 धरि रहत अछि — एहि समय मे कोनो नव शुभ कार्य शुरू करबा सँ बचू।
| तिथि | नवमी |
| नक्षत्र | पूर्वा फाल्गुनी |
| योग | हर्षण |
| करण | बालव |
| वार | रविवार |
| सूर्योदय | 04:56 |
| सूर्यास्त | 18:30 |
| राहु काल | 16:48 – 18:30 |
| अभिजीत मुहूर्त | 11:16 – 12:10 |
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हर शब्द के पीछे की शास्त्रीय परिभाषा, गणितीय आधार और व्यावहारिक प्रयोग।
चान्द्र दिवस — सूर्य-चन्द्र के बीच 12° का अन्तर। प्रति मास 30।
चान्द्र भवन — 27 तारकीय भाग, प्रत्येक 13°20' का।
27 सूर्य-चन्द्र संयोग; (सूर्य+चन्द्र) ÷ 13°20'।
अर्ध-तिथि (6° अन्तर)। विष्टि सहित 11 करण।
वार और स्वामी ग्रह। जूलियन दिवस से निर्धारित।
अशुभ 90 मिनट का काल। वार के अनुसार स्थान बदलता है।
महत्वपूर्ण कार्यों के लिए शुभ काल।