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कृष्ण चतुर्थी गणेश, जे बाधा के दूर करैत छथि, क शासन अछि। ई तिथि बाधा पर विजय प्राप्त करबाक लेल दिव्य हस्तक्षेप लेबय, संरक्षण के लेल अनुष्ठान करबय, आ कठिनाई के समाधान करबाक लेल अत्यंत शुभ अछि। ई सामान्यतः नव भौतिक शुरुआत के लेल अनुकूल नहि मानल जाइत अछि। एकटा महत्वपूर्ण अनुष्ठान संकष्टी चतुर्थी अछि, भगवान गणेश के समर्पित एकटा मासिक उपवास आ पूजा, जे कष्ट दूर करबाक आ कल्याण आ सफलता के लेल आशीर्वाद लेबय के लेल कयल जाइत अछि।
कृष्ण चतुर्थी, जे संकष्टी चतुर्थी के नाम सँ जानल जाइत अछि, भगवान गणेश के लेल समर्पित अछि। भक्त लोकनि चन्द्रोदय धरि कठोर उपवास करैत छथि, गणेश पूजा करैत छथि ओ मोदक, लड्डू, ओ दूर्वा घास चढ़ाबैत छथि। ई व्रत बाधाक के दूर करबाक लेल मनाओल जाइत अछि। परंपरा के अनुसार, झूठा आरोप सँ बचबाक लेल चन्द्रमा के देखबा सँ बचब महत्वपूर्ण अछि। मांस, शराब, वा तामसिक भोजन के सेवन सँ बचू। शक्तिशाली मंत्र 'ॐ गं गणपतये नमः' के बार-बार जप करब चाही। दान के लेल, मोदक जेकाँ मिठाई, हरियर वस्त्र, वा गरीब बच्चाक वा ब्राह्मणक के धन दान करब अत्यंत शुभ अछि, जे बाधाक के हटाबय के लेल आशीर्वाद मांगैत अछि।
बृहस्पति दिनक स्वामी बृहस्पति (गुरु) छथि, जे ज्ञान, विद्या आ समृद्धिक प्रतिनिधित्व करैत छथि। हिनक स्वभाव परोपकारी, विस्तृत आ आध्यात्मिक अछि, जे शिक्षा आ सौभाग्य केँ प्रभावित करैत अछि। ई दिन आध्यात्मिक अभ्यास, शैक्षिक प्रयास, विवाह समारोह, आ गुरु वा बुजुर्ग लोकनिक आशीर्वाद प्राप्त करबाक लेल अत्यंत शुभ मानल जाइत अछि। ई सामान्यतः दीर्घकालिक परियोजना आ वित्तीय निवेश शुरू करबाक लेल अनुकूल अछि। बहुतो भक्तगण उपवास करैत छथि, भगवान विष्णु वा साई बाबाक पूजा करैत छथि, आ भजन करैत छथि, ज्ञान, धन आ वैवाहिक सुखक कामना करैत। पीयर वस्तु अर्पित करब सेहो एकटा सामान्य प्रथा अछि।
दरभंगा मे बृहस्पति दिन, 4 जून 2026 क तिथि चतुर्थी, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग शुक्ल ओ करण बव अछि। सूर्योदय 04:53, सूर्यास्त 18:35। राहु काल 13:27–15:10 धरि रहत अछि — एहि समय मे कोनो नव शुभ कार्य शुरू करबा सँ बचू।
| तिथि | चतुर्थी |
| नक्षत्र | उत्तराषाढ़ा |
| योग | शुक्ल |
| करण | बव |
| वार | गुरुवार |
| सूर्योदय | 04:53 |
| सूर्यास्त | 18:35 |
| राहु काल | 13:27 – 15:10 |
| अभिजीत मुहूर्त | 11:17 – 12:12 |
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हर शब्द के पीछे की शास्त्रीय परिभाषा, गणितीय आधार और व्यावहारिक प्रयोग।
चान्द्र दिवस — सूर्य-चन्द्र के बीच 12° का अन्तर। प्रति मास 30।
चान्द्र भवन — 27 तारकीय भाग, प्रत्येक 13°20' का।
27 सूर्य-चन्द्र संयोग; (सूर्य+चन्द्र) ÷ 13°20'।
अर्ध-तिथि (6° अन्तर)। विष्टि सहित 11 करण।
वार और स्वामी ग्रह। जूलियन दिवस से निर्धारित।
अशुभ 90 मिनट का काल। वार के अनुसार स्थान बदलता है।
महत्वपूर्ण कार्यों के लिए शुभ काल।