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शुक्ल दशमी धर्म, जे धार्मिकता, न्याय, आ ब्रह्मांडीय व्यवस्था के सिद्धांत अछि, क शासन अछि। ई तिथि पुण्य कर्म करबय, आध्यात्मिक अभ्यास मे संलग्न रहबय, आ व्यवस्था स्थापित करबाक लेल अत्यंत शुभ मानल जाइत अछि। ई नैतिक सिद्धांत के अनुरूप कार्य के समर्थन करैत अछि। एकटा प्रमुख अनुष्ठान विजयादशमी वा दशहरा अछि, जे बुराई पर भलाई के विजय के उत्सव मनाबय, धर्म के विजय आ प्रयास के सफल समापन के प्रतीक अछि।
शुक्ल दशमी, जे धर्म (धार्मिकता) सँ संबंधित अछि, नैतिक आचरण ओ आध्यात्मिक विकास पर जोर दैत अछि। ई धार्मिक कार्य पर ध्यान केंद्रित करबाक, दान करबाक, ओ आध्यात्मिक अभ्यास वा तीर्थयात्रा शुरू करबाक लेल एकटा शुभ दिन अछि। लोककेँ नैतिक मूल्यक के पालन करबाक प्रयास करब चाही। अनैतिक कार्य सँ, विवाद मे पड़बा सँ, वा नव परियोजना शुरू करबा सँ बचू जेकर मजबूत नैतिक आधार नहि होय। मांस, शराब, वा भोजन के सेवन सँ बचू जे आध्यात्मिक स्पष्टता मे बाधा दैत अछि। धर्म के पालन के लेल 'ॐ धर्मराजाय नमः' वा विष्णु सहस्रनाम के पाठ करब चाही। दान मे गरीब ओ जरूरतमंदक के अनाज, भोजन, वा वस्त्र दान करब शामिल अछि, जे शुद्ध हृदय सँ दान करबा पर जोर दैत अछि।
बुध दिनक स्वामी बुध (सौम्य) छथि, जे बुद्धि, संचार आ व्यावसायिक कुशाग्रता केँ प्रतीक अछि। हिनक स्वभाव अनुकूलनीय, हास्यपूर्ण आ विश्लेषणात्मक अछि, जे शिक्षा आ व्यापार केँ प्रभावित करैत अछि। ई दिन नव अध्ययन शुरू करबाक, अनुबंध पर हस्ताक्षर करबाक, व्यावसायिक लेनदेन, आ बौद्धिक प्रयासक लेल अत्यंत शुभ अछि। ई सामान्यतः संचार, लेखन आ यात्राक लेल अनुकूल अछि। भक्तगण प्रायः बुध दिन भगवान विष्णु वा विठोबाक पूजा करैत छथि, ज्ञान, समृद्धि आ प्रयास मे सफलताक कामना करैत। हरियर मूंग अर्पित करब वा विष्णु सहस्रनाम पाठ करब आशीर्वादक लेल सामान्य प्रथा अछि।
दरभंगा मे बुध दिन, 24 जून 2026 क तिथि दशमी, नक्षत्र चित्रा, योग परिघ ओ करण तैतिल अछि। सूर्योदय 04:55, सूर्यास्त 18:42। राहु काल 11:48–13:32 धरि रहत अछि — एहि समय मे कोनो नव शुभ कार्य शुरू करबा सँ बचू।
| तिथि | दशमी |
| नक्षत्र | चित्रा |
| योग | परिघ |
| करण | तैतिल |
| वार | बुधवार |
| सूर्योदय | 04:55 |
| सूर्यास्त | 18:42 |
| राहु काल | 11:48 – 13:32 |
| अभिजीत मुहूर्त | 11:21 – 12:16 |
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हर शब्द के पीछे की शास्त्रीय परिभाषा, गणितीय आधार और व्यावहारिक प्रयोग।
चान्द्र दिवस — सूर्य-चन्द्र के बीच 12° का अन्तर। प्रति मास 30।
चान्द्र भवन — 27 तारकीय भाग, प्रत्येक 13°20' का।
27 सूर्य-चन्द्र संयोग; (सूर्य+चन्द्र) ÷ 13°20'।
अर्ध-तिथि (6° अन्तर)। विष्टि सहित 11 करण।
वार और स्वामी ग्रह। जूलियन दिवस से निर्धारित।
अशुभ 90 मिनट का काल। वार के अनुसार स्थान बदलता है।
महत्वपूर्ण कार्यों के लिए शुभ काल।