Loading...
Loading...
शुक्ल चतुर्दशी शिव, जे परिवर्तन, विघटन, आ आध्यात्मिक मुक्ति के देवता छथि, के समर्पित अछि। ई तिथि आध्यात्मिक अभ्यास, तपस्या, आ सांसारिक आसक्ति सँ मुक्ति पाबय के लेल अत्यंत शक्तिशाली मानल जाइत अछि। ई सामान्यतः नव भौतिक उद्यम शुरू करबाक लेल टालल जाइत अछि। एकटा पारंपरिक अनुष्ठान मासिक शिवरात्रि अछि, जतय भक्त उपवास करैत छथि आ भगवान शिव के पूजा करैत छथि आध्यात्मिक योग्यता प्राप्त करबाक लेल, नकारात्मकता पर विजय पाबय के लेल, आ मोक्ष प्राप्त करबाक लेल।
शुक्ल चतुर्दशी, जे भगवान शिव के लेल समर्पित अछि, आध्यात्मिक शुद्धि ओ दिव्य आशीर्वाद के लेल मनाओल जाइत अछि। भक्त लोकनि शिव पूजा करैत छथि, बेलपत्र, दूध, ओ जल चढ़ाबैत छथि। आध्यात्मिक अभ्यास, ध्यान, ओ मोक्ष खोजबाक लेल ई शुभ अछि। मांस, शराब, वा विवाद मे पड़बा सँ बचू। नकारात्मक विचार वा कार्य सँ बचू। 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र के बार-बार जप करब चाही। दान मे शिव मंदिरक वा भक्तक के दूध, जल, बेलपत्र, वा उज्जर वस्त्र दान करब शामिल अछि। ई दिन आंतरिक शांति ओ दिव्य संबंध खोजनिहारक लेल महत्वपूर्ण अछि, जे पूर्णिमा के लेल तैयारी करैत छथि।
रवि दिनक स्वामी सूर्य (रवि) छथि, जे आत्मा, अधिकार आ जीवन-शक्ति केँ प्रतिनिधित्व करैत छथि। हिनक स्वभाव अग्नि तत्वक, शाही आ प्रकाशमान अछि, जे नेतृत्व आ स्वास्थ्य केँ दर्शाबैत अछि। ई दिन सरकारी काज, वरिष्ठ लोकनिक आशीर्वाद प्राप्त करबाक, आ नव उद्यम शुरू करबाक लेल शुभ अछि। ई सामान्यतः साहस आ आत्मविश्वासक आवश्यकता वला काजक लेल अनुकूल अछि। सूर्य केँ सम्मान देबाक लेल, भक्तगण सूर्य नमस्कार करैत छथि आ सूर्योदयक समय तांबाक पात्र सँ जल अर्पित करैत छथि, नीक स्वास्थ्य आ सफलताक कामना करैत। रवि दिन उपवास सेहो जीवन-शक्ति आ समृद्धिक लेल राखल जाइत अछि।
दरभंगा मे रवि दिन, 28 जून 2026 क तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र ज्येष्ठा, योग शुभ ओ करण गरज अछि। सूर्योदय 04:56, सूर्यास्त 18:42। राहु काल 16:59–18:42 धरि रहत अछि — एहि समय मे कोनो नव शुभ कार्य शुरू करबा सँ बचू।
| तिथि | चतुर्दशी |
| नक्षत्र | ज्येष्ठा |
| योग | शुभ |
| करण | गरज |
| वार | रविवार |
| सूर्योदय | 04:56 |
| सूर्यास्त | 18:42 |
| राहु काल | 16:59 – 18:42 |
| अभिजीत मुहूर्त | 11:22 – 12:17 |
दरभंगा क लेल गणना कएल गेल अछि। अपन शहर क लेल, मुख्य पंचांग पृष्ठ पर जाऊ।
हर शब्द के पीछे की शास्त्रीय परिभाषा, गणितीय आधार और व्यावहारिक प्रयोग।
चान्द्र दिवस — सूर्य-चन्द्र के बीच 12° का अन्तर। प्रति मास 30।
चान्द्र भवन — 27 तारकीय भाग, प्रत्येक 13°20' का।
27 सूर्य-चन्द्र संयोग; (सूर्य+चन्द्र) ÷ 13°20'।
अर्ध-तिथि (6° अन्तर)। विष्टि सहित 11 करण।
वार और स्वामी ग्रह। जूलियन दिवस से निर्धारित।
अशुभ 90 मिनट का काल। वार के अनुसार स्थान बदलता है।
महत्वपूर्ण कार्यों के लिए शुभ काल।