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कृष्ण अमावस्या, अमावस्या के दिन, पितृ, जे पूज्य पूर्वज छथि, मुक्ति आ स्मरण के प्रतीक अछि, क अध्यक्षता मे होइत अछि। ई तिथि पैतृक अनुष्ठान करबय, प्रार्थना करबय, आ दिवंगत आत्मा के सम्मान करबाक लेल दान मे संलग्न रहबय के लेल अत्यंत शुभ अछि। ई नव भौतिक उद्यम शुरू करबाक लेल अशुभ मानल जाइत अछि। एकटा महत्वपूर्ण अनुष्ठान पितृ तर्पण अछि, जतय पूर्वज के शांति आ मुक्ति के लेल जल आ तिल अर्पित कयल जाइत अछि।
कृष्ण अमावस्या, अमावस्या के दिन, पितृ (पूर्वजक) के लेल समर्पित अछि। भक्त लोकनि पितृ शांति ओ कल्याण के लेल श्राद्ध कर्म ओ तर्पण करैत छथि। कौआ, गाय, ओ ब्राह्मणक के भोजन ओ जल दान करब अत्यंत पुण्यकारी अछि। पितृ शांति के लेल उपवास करब सामान्य अछि। नव कार्य, विवाह, वा पैघ वित्तीय निर्णय शुरू करबा सँ बचब महत्वपूर्ण अछि। मांसाहारी भोजन, शराब, वा तामसिक भोजन के सेवन सँ बचू। 'ॐ पितृ देवाय नमः' वा 'ॐ सर्व पितृ देवताभ्यो नमः' मंत्र के जप करब चाही। दान मे ब्राह्मणक, गरीबक, वा मंदिर मे भोजन (विशेष रूप सँ खीर, पूरी), वस्त्र, तिल, वा कारी दाल दान करब पितृ आशीर्वाद के लेल शामिल अछि।
बृहस्पति दिनक स्वामी बृहस्पति (गुरु) छथि, जे ज्ञान, विद्या आ समृद्धिक प्रतिनिधित्व करैत छथि। हिनक स्वभाव परोपकारी, विस्तृत आ आध्यात्मिक अछि, जे शिक्षा आ सौभाग्य केँ प्रभावित करैत अछि। ई दिन आध्यात्मिक अभ्यास, शैक्षिक प्रयास, विवाह समारोह, आ गुरु वा बुजुर्ग लोकनिक आशीर्वाद प्राप्त करबाक लेल अत्यंत शुभ मानल जाइत अछि। ई सामान्यतः दीर्घकालिक परियोजना आ वित्तीय निवेश शुरू करबाक लेल अनुकूल अछि। बहुतो भक्तगण उपवास करैत छथि, भगवान विष्णु वा साई बाबाक पूजा करैत छथि, आ भजन करैत छथि, ज्ञान, धन आ वैवाहिक सुखक कामना करैत। पीयर वस्तु अर्पित करब सेहो एकटा सामान्य प्रथा अछि।
दरभंगा मे बृहस्पति दिन, 7 जनवरी 2027 क तिथि अमावस्या, नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा, योग ध्रुव ओ करण चतुष्पद अछि। सूर्योदय 06:35, सूर्यास्त 17:10। राहु काल 13:11–14:31 धरि रहत अछि — एहि समय मे कोनो नव शुभ कार्य शुरू करबा सँ बचू।
| तिथि | अमावस्या |
| नक्षत्र | पूर्वाषाढ़ा |
| योग | ध्रुव |
| करण | चतुष्पद |
| वार | गुरुवार |
| सूर्योदय | 06:35 |
| सूर्यास्त | 17:10 |
| राहु काल | 13:11 – 14:31 |
| अभिजीत मुहूर्त | 11:31 – 12:13 |
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हर शब्द के पीछे की शास्त्रीय परिभाषा, गणितीय आधार और व्यावहारिक प्रयोग।
चान्द्र दिवस — सूर्य-चन्द्र के बीच 12° का अन्तर। प्रति मास 30।
चान्द्र भवन — 27 तारकीय भाग, प्रत्येक 13°20' का।
27 सूर्य-चन्द्र संयोग; (सूर्य+चन्द्र) ÷ 13°20'।
अर्ध-तिथि (6° अन्तर)। विष्टि सहित 11 करण।
वार और स्वामी ग्रह। जूलियन दिवस से निर्धारित।
अशुभ 90 मिनट का काल। वार के अनुसार स्थान बदलता है।
महत्वपूर्ण कार्यों के लिए शुभ काल।