चतुर्थी 2029
चतुर्थी 2029 का पर्व गुरुवार, गुरुवार, 4 जनवरी 2029.
चतुर्थी 2029 की सटीक तिथि, पूजा मुहूर्त व शहर-वार समय
प्रमुख जानकारी
त्योहार की तिथि
गुरुवार, 4 जनवरी 2029
2029 पंचांग संदर्भ
वार
गुरुवार
विक्रम संवत्
2086
शक संवत्
1951
इस वर्ष चतुर्थी गुरुवार को पड़ रहा है, 2028 (2028-01-15) से 10 दिन पहले — सामान्य चन्द्र-पंचांग बदलाव।
Falling on a Thursday brings a Guru (Jupiter) emphasis — guru-related rites, yellow offerings and dharmic decisions carry extra weight.
The 2028 observance fell on Saturday, 2028-01-15 — this year arrives 10 days earlier in the Gregorian calendar, the familiar 11-day shift of the unmodified lunar year.
Looking ahead to 2030, Chaturthi will fall on Wednesday, 2030-01-23 (19 days later than this year). So planning ritual schedules across years means anchoring to the tithi rather than the Gregorian date.
Astronomical context for Chaturthi 2029
On Thursday, January 4, 2029, sunrise in Delhi (the reference city for this page) falls at 07:14 IST and sunset at 17:37 IST — a daylight span of 10h 23m. Across the six pan-Indian cities tabulated below, sunrise on this date varies from 06:17 (Kolkata) at the eastern edge to 07:14 (Delhi) in the west — a 57-minute difference that drives the city-by-city muhurat shift you see in the table.
For Chaturthi 2029, the central rite of चन्द्रोदय depends on the festival tithi being present during that window on 2029-01-04 — confirmed across 6 reference cities in this year's computation pass. Cities further east (Kolkata, Chennai) see the window open ~15-25 minutes before Delhi; cities west of Delhi (Mumbai, Pune, Bangalore) see it start later by a similar margin.
चतुर्थी 2029 — शहर-वार समय
| शहर | सूर्योदय | सूर्यास्त |
|---|---|---|
| दिल्ली | 7:14 AM | 5:37 PM |
| मुंबई | 7:12 AM | 6:14 PM |
| बेंगलुरु | 6:42 AM | 6:06 PM |
| चेन्नई | 6:32 AM | 5:55 PM |
| कोलकाता | 6:17 AM | 5:05 PM |
| पुणे | 7:07 AM | 6:11 PM |
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यह तिथि क्यों?
Chaturthi चन्द्रोदय नियम का पालन करता है। त्योहार उस दिन मनाया जाता है जब तिथि चन्द्रोदय की अवधि में व्याप्त हो। जब तिथि दो दिनों में फैलती है तो धर्मसिन्धु के नियमों से सही तिथि निर्धारित होती है।
तिथि निर्धारण नियम
चन्द्रोदय (चन्द्रमा उदय) के समय तिथि व्याप्त होनी चाहिए। करवा चौथ और संकष्टी चतुर्थी के लिए प्रयुक्त।
स्रोत: धर्मसिन्धु एवं निर्णयसिन्धु – शास्त्रीय काल-व्याप्ति पद्धति
देवता
भगवान गणेश
कथा एवं इतिहास
चतुर्थी (चन्द्र पक्ष का चौथा दिन) भगवान गणेश को समर्पित है। जब चन्द्रमा ने गणेश पर हँसा, गणेश ने चन्द्रमा को अदृश्य होने का शाप दिया। शाप संशोधित किया गया कि चतुर्थी पर चन्द्र दर्शन से मिथ्या आरोप लगत… पूरी कथा पढ़ें →कम दिखाएँ ↑
चतुर्थी (चन्द्र पक्ष का चौथा दिन) भगवान गणेश को समर्पित है। जब चन्द्रमा ने गणेश पर हँसा, गणेश ने चन्द्रमा को अदृश्य होने का शाप दिया। शाप संशोधित किया गया कि चतुर्थी पर चन्द्र दर्शन से मिथ्या आरोप लगते हैं।
कैसे मनाएँ
मोदक, दूर्वा और लाल फूलों से गणेश पूजा करें। संकष्टी चतुर्थी (कृष्ण पक्ष) पर चन्द्रोदय तक उपवास रखें। गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें।
महत्व
गणेश विघ्नहर्ता और प्रथम पूज्य हैं। मासिक चतुर्थी का पालन निरन्तर दिव्य रक्षा और ज्ञान, बुद्धि, सफलता के आशीर्वाद सुनिश्चित करता है।
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