दशहरा 2026
दशहरा 2026 की सटीक तिथि, पूजा मुहूर्त व शहर-वार समय
प्रमुख जानकारी
त्योहार की तिथि
बुधवार, 21 अक्टूबर 2026
Vijay Muhurat (Aparahna) (दिल्ली)
2:00 PM – 2:43 PM
दशहरा 2026 — शहर-वार समय
| शहर | सूर्योदय | सूर्यास्त | पूजा मुहूर्त |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | 6:25 AM | 5:45 PM | 2:00 PM – 2:43 PM |
| मुंबई | 6:34 AM | 6:11 PM | 2:20 PM – 3:04 PM |
| बेंगलुरु | 6:10 AM | 5:57 PM | 2:03 PM – 2:47 PM |
| चेन्नई | 6:00 AM | 5:46 PM | 1:53 PM – 2:36 PM |
| कोलकाता | 5:35 AM | 5:06 PM | 1:17 PM – 2:00 PM |
| पुणे | 6:30 AM | 6:08 PM | 2:17 PM – 3:00 PM |
विस्तृत स्थानीय समय, पूजा विधि व सामग्री सूची के लिए किसी भी शहर पर क्लिक करें
यह तिथि क्यों?
Dussehra उदय तिथि नियम का पालन करता है – जिस दिन आवश्यक तिथि सूर्योदय के समय व्याप्त हो, उस दिन त्योहार मनाया जाता है। यह धर्मसिन्धु का सामान्य नियम है।
पूजा विधि
आवश्यक सामग्री
- शमी के पत्ते
- अपराजिता के फूल
- अक्षत (साबुत चावल)
- शस्त्र/उपकरण शस्त्र पूजा के लिए
- रामायण (पुस्तक)
पूजा के चरण
- 1
तैयारी
पूजा स्थल साफ करें। भगवान राम और/या देवी दुर्गा के चित्र स्थापित करें। शमी के पत्ते, अपराजिता के फूल इकट्ठा करें और शस्त...
- 2
शमी पूजा
शमी वृक्ष (या वेदी पर रखे शमी पत्तों) की पूजा करें। शमी पत्तों पर कुमकुम, अक्षत और फूल अर्पित करें। शमी वृक्ष इसलिए पूजन...
- 3
अपराजिता पूजा
देवी अपराजिता (अजेय) की नीले अपराजिता फूलों, चन्दन लेप और कुमकुम से पूजा करें। अपराजिता मन्त्र का जाप करें। वे अजेयता और...
फल (लाभ)
शत्रुओं और बाधाओं पर विजय, अधर्म पर धर्म की जीत, इस दिन शुरू किए गए सभी नए कार्यों में सफलता, सभी उपकरणों और साधनों का शुद्धिकरण और सशक्तीकरण, और अजेयता के लिए राम और अपराजिता का आशीर्वाद
देवता
भगवान राम / देवी दुर्गा
कथा एवं इतिहास
भगवान राम ने इस दिन भयंकर युद्ध के बाद दशानन रावण का वध किया और सीता को लंका से मुक्त कराया। एक अन्य परम्परा में, देवी दुर्गा ने इसी दसवें दिन महिषासुर का वध किया।
कैसे मनाएँ
रावण, मेघनाद और कुम्भकर्ण के पुतले जलाएँ। शस्त्र पूजा करें। आपटा पत्ते (सोने का प्रतीक) बाँटें। बंगाल में दुर्गा विसर्जन होता है।
महत्व
विजयादशमी – "विजय का दसवाँ दिन"। नए कार्य आरम्भ करने का सर्वाधिक शुभ दिन। रावण दहन दस दुर्गुणों के नाश का प्रतीक है।