हरियाली तीज 2028
हरियाली तीज 2028 का पर्व सोमवार, सोमवार, 24 जुलाई 2028. तिथि: shravana shukla 3.
हरियाली तीज 2028 की सटीक तिथि, पूजा मुहूर्त व शहर-वार समय
प्रमुख जानकारी
त्योहार की तिथि
सोमवार, 24 जुलाई 2028
2028 पंचांग संदर्भ
वार
सोमवार
विक्रम संवत्
2085
शक संवत्
1950
इस वर्ष हरियाली तीज सोमवार को पड़ रहा है, 2027 (2027-08-04) से 10 दिन पहले — सामान्य चन्द्र-पंचांग बदलाव।
Falling on a Monday brings a Chandra emphasis — lunar rites and milk/rice offerings carry extra weight, especially for the moon-sensitive nakshatras.
The 2027 observance fell on Wednesday, 2027-08-04 — this year arrives 10 days earlier in the Gregorian calendar, the familiar 11-day shift of the unmodified lunar year.
Looking ahead to 2029, Hariyali Teej will fall on Sunday, 2029-08-12 (19 days later than this year). So planning ritual schedules across years means anchoring to the tithi rather than the Gregorian date.
Astronomical context for Hariyali Teej 2028
On Monday, July 24, 2028, sunrise in Delhi (the reference city for this page) falls at 05:38 IST and sunset at 19:16 IST — a daylight span of 13h 38m. Across the six pan-Indian cities tabulated below, sunrise on this date varies from 05:04 (Kolkata) at the eastern edge to 06:12 (Mumbai) in the west — a 68-minute difference that drives the city-by-city muhurat shift you see in the table.
For Hariyali Teej 2028, the central rite of उदय तिथि (सूर्योदय) depends on the Shravana Shukla 3 being present during that window on 2028-07-24 — confirmed across 6 reference cities in this year's computation pass. Cities further east (Kolkata, Chennai) see the window open ~15-25 minutes before Delhi; cities west of Delhi (Mumbai, Pune, Bangalore) see it start later by a similar margin.
हरियाली तीज 2028 — शहर-वार समय
| शहर | सूर्योदय | सूर्यास्त |
|---|---|---|
| दिल्ली | 5:38 AM | 7:16 PM |
| मुंबई | 6:12 AM | 7:17 PM |
| बेंगलुरु | 6:03 AM | 6:48 PM |
| चेन्नई | 5:52 AM | 6:38 PM |
| कोलकाता | 5:04 AM | 6:21 PM |
| पुणे | 6:09 AM | 7:12 PM |
यह तिथि क्यों?
Hariyali Teej उदय तिथि नियम का पालन करता है – जिस दिन आवश्यक तिथि सूर्योदय के समय व्याप्त हो, उस दिन त्योहार मनाया जाता है। यह धर्मसिन्धु का सामान्य नियम है।
पूजा विधि
आवश्यक सामग्री
- पार्वती-शिव मूर्ति या चित्र
- सोलह श्रृंगार सामग्री
- मेहँदी
- हरी चूड़ियाँ
- हरी साड़ी या वस्त्र
पूजा के चरण
- 1
श्रृंगार
हरे वस्त्र (साड़ी या लहँगा) पहनें और सोलह श्रृंगार पूरा करें – बिन्दी, सिन्दूर, काजल, चूड़ियाँ, पायल, मेहँदी, नथ, बालि...
- 2
पार्वती-शिव पूजा
पार्वती और शिव की मूर्तियाँ साथ रखें। देवी पार्वती को फूल, कुमकुम, सिन्दूर और हरी चूड़ियाँ अर्पित करें। पार्वती मूर्ति क...
- 3
तीज व्रत कथा
तीज व्रत कथा सुनें या पढ़ें, जो बताती है कि पार्वती ने 108 जन्मों की तपस्या कर भगवान शिव से मिलन प्राप्त किया। यह कथा भक...
व्रत फल (उपवास के लाभ)
हरियाली तीज पति को दीर्घायु और समृद्धि प्रदान करती है, दाम्पत्य बन्धन को गहरा करती है, और शाश्वत सौभाग्य के लिए देवी पार्वती का आशीर्वाद देती है। अविवाहित स्त्रियों को समर्पित, अनुकूल पति का वरदान मिलता है।
देवता
देवी पार्वती, भगवान शिव
कथा एवं इतिहास
हरियाली तीज देवी पार्वती और शिव के पुनर्मिलन का उत्सव है। शिव पुराण के अनुसार पार्वती ने कठोर तपस्या कर शिव को पति रूप में प्राप्त किया। यह सावन की हरियाली और सुहाग का त्योहार है।
कैसे मनाएँ
सुहागिन महिलाएँ हरे वस्त्र और नई चूड़ियाँ पहनें, मेहंदी लगाएँ, झूला झूलें। पति की दीर्घायु के लिए निर्जला व्रत रखें। शिव-पार्वती की पूजा करें। तीज के गीत गाएँ। मायके से शृंगार प्राप्त करें।
महत्व
हरियाली तीज दाम्पत्य सुख, भक्ति और पति-पत्नी के बन्धन का उत्सव है। उत्तर भारत की विवाहित महिलाओं का सबसे महत्त्वपूर्ण त्योहार। हरा रंग उर्वरता और सावन की खुशी का प्रतीक है।
व्रत
सुहागिन महिलाएँ पति की दीर्घायु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। अगली सुबह पूजा के बाद पारण।
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