चन्द्र in the द्वादश भाव
बृहत् पाराशर होराशास्त्र व्याख्या
Loss & Liberation
शास्त्रीय श्लोक
द्वादश भाव में चन्द्रमा जातक को आलसी, अपमानित, अंग दोष युक्त और दूसरों के प्रति शत्रुतापूर्ण बनाता है। शुभ दृष्टि होने पर विदेश निवास और आध्यात्मिक विकास संभव है।
शास्त्रीय स्रोत देखें: BPHS Ch.24, Shloka 47-48
आधुनिक व्याख्या
समृद्ध आंतरिक भावनात्मक जीवन और स्पष्ट स्वप्न। आराम और भावनात्मक आवश्यकताओं पर व्यय। एकांत और ध्यान शांति लाते हैं। विदेश निवास या चिकित्सालय/आश्रम संबंधित कार्य संकेतित है।
कुंजी शब्द
solitudedreamsforeign residencespirituality