नरक चतुर्दशी 2027
Exact date, puja muhurat & city-wise timings for Narak Chaturdashi 2027
Key Information
Festival Date
Wednesday, October 27, 2027
City-Wise Timings for Narak Chaturdashi 2027
| City | Sunrise | Sunset |
|---|---|---|
| दिल्ली | 6:29 AM | 5:40 PM |
| मुंबई | 6:36 AM | 6:07 PM |
| बेंगलुरु | 6:11 AM | 5:54 PM |
| चेन्नई | 6:01 AM | 5:44 PM |
| कोलकाता | 5:38 AM | 5:02 PM |
| पुणे | 6:32 AM | 6:04 PM |
Click any city for detailed local timings, puja vidhi & samagri list
Why This Date?
Nishita Kaal (Midnight) Rule: Observed when the Chaturdashi tithi prevails at midnight – the night before Diwali. The pre-dawn Abhyang Snan (oil bath) purifies for the new year. Also called Chhoti Diwali.
Tithi Determination Rule
The tithi must prevail during Nishita Kaal (midnight). Used for festivals like Maha Shivaratri and Janmashtami.
Source: Dharmasindhu & Nirnayasindhu – classical Kala-Vyapti system
Deity
भगवान कृष्ण, देवी काली
Legend & History
नरक चतुर्दशी कृष्ण द्वारा नरकासुर वध का उत्सव है। नरकासुर ने 16,100 राजकुमारियों को बन्दी बनाया था। कृष्ण ने सत्यभामा सहित युद्ध कर उसे मारा और सबको मुक्त किया। भोर में कृष्ण को सुगन्धित तेल से स्नान ...Read full legend →
नरक चतुर्दशी कृष्ण द्वारा नरकासुर वध का उत्सव है। नरकासुर ने 16,100 राजकुमारियों को बन्दी बनाया था। कृष्ण ने सत्यभामा सहित युद्ध कर उसे मारा और सबको मुक्त किया। भोर में कृष्ण को सुगन्धित तेल से स्नान कराया गया। कुछ स्थानों पर इसे काली चौदस के रूप में मनाते हैं।
How to Observe
भोर से पहले उठकर तिल के तेल और उबटन से अभ्यंग स्नान करें। शाम को चौदह दीप जलाएँ। पटाखे फोड़ें। कृष्ण और कुछ परम्पराओं में काली या हनुमान की पूजा करें। विशेष मिठाइयाँ बनाएँ।
Significance
नरक चतुर्दशी बुराई के नाश और पीड़ितों की मुक्ति का प्रतीक है। भोर का स्नान पापों को धोता है और चौदह दीप चौदह लोकों को प्रकाशित करते हैं। यह दीपावली से पूर्व शुद्धिकरण का दिन है।
Looking for Narak Chaturdashi 2028?
Narak Chaturdashi 2028 Date & Muhurat