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चन्द्रग्रहणयोगः
निर्माण नियम
चन्द्रमा राहु वा केतुक संग युति
उदाहरण कुण्डली
मेष लग्न उदाहरण — वास्तविक स्थिति भिन्न हो सकती है
चन्द्रग्रहण योग — भावनात्मक उथल-पुथल, माताक स्वास्थ्य चिन्ता, चिन्ताक प्रवृत्ति। सकारात्मक पक्षमे प्रबल अन्तर्ज्ञान आ मानसिक क्षमता सम्मिलित अछि। चन्द्रमा-राहु आसक्त मन बनबैत अछि; चन्द्रमा-केतु विरक्त भावना उत्पन्न करैत अछि।
भावना आ माता
भावनात्मक उथल-पुथल, माताक चिन्ता, किन्तु प्रबल अन्तर्ज्ञान।
चंद्र ग्रहण योगवला व्यक्ति प्रायः महत्वपूर्ण भावनात्मक अस्थिरता आ चिंताक अनुभव करैत छथि, जे हुनकर संबंधसभकें, विशेष रूपसँ माताक संगक संबंधकें प्रभावित कऽ सकैत अछि। ई अंतर्निहित भावनात्मक अशांति राहुक संग जुनूनी मन वा केतुक संग विरक्त भावनाक रूपमे प्रकट भऽ सकैत अछि, जे हुनकर समग्र स्वभाव आ निर्णय लेबाक क्षमताकें प्रभावित करैत अछि। एहि चुनौतीसभक बावजूद, प्रायः एकटा प्रबल अंतर्ज्ञान वा मानसिक क्षमता उभरैत अछि, जे जीवनक जटिलतासभ पर एकटा अद्वितीय दृष्टिकोण प्रदान करैत अछि।
चंद्र ग्रहण योगक प्रभाव सामान्यतः चंद्र, राहु वा केतुक दशा वा अन्तर्दशा काल मे सबसँ प्रमुख रूप सँ प्रकट होइत अछि। ई काल प्रायः एहि संयोजन सँ संबंधित अंतर्निहित भावनात्मक संवेदनशीलता आ सहज ज्ञान क्षमताकें सक्रिय करैत अछि।