Loading...
Loading...

सूर्यग्रहणयोगः
निर्माण नियम
सूर्य राहु वा केतुक संग युति
उदाहरण कुण्डली
मेष लग्न उदाहरण — वास्तविक स्थिति भिन्न हो सकती है
सूर्यग्रहण योग — सूर्यक जीवन-शक्ति छायाग्रहसँ आच्छादित रहैत अछि। पिता/अधिकार सम्बन्धी समस्या, अहंकारक चुनौती, आ सरकारी बाधा सामान्य अछि। तथापि, ई छायाक गहनतासँ अनुसन्धान क्षमता आ गुह्य ज्ञान सेहो प्रदान कए सकैत अछि।
अधिकार आ पिता
पितृ समस्या, अहंकारक चुनौती, सरकारी बाधा। किन्तु गहन अनुसन्धान क्षमता सेहो।
ई योग प्रायः अधिकारिसभक संग एकटा जटिल संबंधक रूपमे प्रकट होइत अछि, विशेषतः पिताक संग, जे चुनौतीसभ वा उपेक्षित होयबाक भावना सँ चिह्नित रहैत अछि। व्यक्ति अपन अहंकार आ आत्म-दृढ़ताक संग संघर्ष क' सकैत छथि, प्रायः सरकारी वा संस्थागत बाधासभक सामना करैत। एहि कठिनाईसभक बावजूद, गहन, गूढ़ शोध वा गुप्त सत्यसभकें उजागर करबाक दिस एकटा प्रबल झुकाव रहैत अछि, जे प्रायः अंतर्निहित गतिशीलताकें बुझबाक आवश्यकता सँ प्रेरित होइत अछि।
सूर्य ग्रहण योगक प्रभाव सामान्यतः सूर्य, राहु वा केतुक दशांतर्दशा काल मे प्रबल रूप सँ प्रकट होइत अछि। ई काल प्रायः अधिकार आ अहंकार सँ संबंधित चुनौती सभ केँ लऽ आबैत अछि, संगहि गहन शोधक अवसर सेहो प्रदान करैत अछि।