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सूर्यदशमयोगः
निर्माण नियम
सूर्य दशम भावमे (अधिकतम दिग्बल)
उदाहरण कुण्डली
मेष लग्न उदाहरण — वास्तविक स्थिति भिन्न हो सकती है
सूर्य कुण्डलीक शीर्षमे — अधिकतम दिशात्मक बल। सरकारी अधिकार, नेतृत्व, व्यवसायमे यश, आ प्रतिष्ठित पिता एकर सामान्य फल अछि।
सरकारी अधिकार
सरकारी सेवा, नेतृत्व, व्यवसायमे यश।
दशम भाव मे सूर्य एकटा शक्तिशाली करियरक सूचक अछि, प्रायः सरकारी वा नेतृत्वक भूमिका मे। व्यक्ति मे प्रबल अधिकारक प्रदर्शनक प्रवृत्ति होइत अछि आ सार्वजनिक पहचानक इच्छा होइत अछि। हुनकर व्यावसायिक जीवन सामान्यतः प्रमुख होइत अछि, आ हुनका एकटा महत्वपूर्ण, प्रभावशाली पितृतुल्य व्यक्ति भऽ सकैत छनि। ई स्थिति प्रायः हुनकर चुनल गेल क्षेत्र मे एकटा प्रभावशाली उपस्थिति दिस अग्रसर करैत अछि।
ई योगक प्रभाव सामान्यतः सूर्यक दशांतर्दशा काल मे प्रकट होइत अछि। महत्वपूर्ण करियर उन्नति आ पहचान प्रायः तखन होइत अछि जखन जातक सूर्य वा दशम भाव सँ संबंधित ग्रहक प्रभावक अनुभव करैत अछि।