गोवर्धन पूजा 2029
गोवर्धन पूजा 2029 का पर्व मंगलवार, मंगलवार, 6 नवंबर 2029. तिथि: kartika shukla 1 (Kshaya).
गोवर्धन पूजा 2029 की सटीक तिथि, पूजा मुहूर्त व शहर-वार समय
प्रमुख जानकारी
त्योहार की तिथि
मंगलवार, 6 नवंबर 2029
2029 पंचांग संदर्भ
वार
मंगलवार
विक्रम संवत्
2086
शक संवत्
1951
इस वर्ष गोवर्धन पूजा मंगलवार को पड़ रहा है, 2028 (2028-10-18) से 19 दिन बाद — सामान्य चन्द्र-पंचांग बदलाव।
Falling on a Tuesday gives the day a Mangal emphasis — courage-related rites and red offerings carry extra weight.
The 2028 observance fell on Wednesday, 2028-10-18 — this year arrives 19 days later in the Gregorian calendar, the Adhika-masa pattern when an intercalary lunar month pushes the cycle forward.
Looking ahead to 2030, Govardhan Puja will fall on Sunday, 2030-10-27 (10 days earlier than this year). So planning ritual schedules across years means anchoring to the tithi rather than the Gregorian date.
Astronomical context for Govardhan Puja 2029
On Tuesday, November 6, 2029, sunrise in Delhi (the reference city for this page) falls at 06:36 IST and sunset at 17:32 IST — a daylight span of 10h 56m. Across the six pan-Indian cities tabulated below, sunrise on this date varies from 05:44 (Kolkata) at the eastern edge to 06:41 (Mumbai) in the west — a 57-minute difference that drives the city-by-city muhurat shift you see in the table.
For Govardhan Puja 2029, the central rite of उदय तिथि (सूर्योदय) depends on the Kartika Shukla 1 (Kshaya) being present during that window on 2029-11-06 — confirmed across 6 reference cities in this year's computation pass. Cities further east (Kolkata, Chennai) see the window open ~15-25 minutes before Delhi; cities west of Delhi (Mumbai, Pune, Bangalore) see it start later by a similar margin.
गोवर्धन पूजा 2029 — शहर-वार समय
| शहर | सूर्योदय | सूर्यास्त |
|---|---|---|
| दिल्ली | 6:36 AM | 5:32 PM |
| मुंबई | 6:41 AM | 6:02 PM |
| बेंगलुरु | 6:14 AM | 5:51 PM |
| चेन्नई | 6:04 AM | 5:40 PM |
| कोलकाता | 5:44 AM | 4:56 PM |
| पुणे | 6:36 AM | 5:59 PM |
विस्तृत स्थानीय समय, पूजा विधि व सामग्री सूची के लिए किसी भी शहर पर क्लिक करें
गोवर्धन पूजा 2029 आपकी राशि के लिए क्या लाता है?
अपनी चन्द्र राशि चुनें — मन्दगति ग्रहों के गोचर के आधार पर पर्व का व्यक्तिगत संकेत
अपनी राशि नहीं जानते? चन्द्र राशि कैलकुलेटर खोलें →गोवर्धन पूजा 2029 के लिए विस्तृत व्यक्तिगत पाठ चाहिए?
बृहस्पति आपकी पूरी कुण्डली, गोचर एवं दशा का विश्लेषण करके पर्व-दिवस का सटीक मार्गदर्शन देंगे।
गोवर्धन पूजा — क्या करें, क्या न करें
धर्मसिन्धु, निर्णयसिन्धु, एवं समकालीन परम्परा से।
करने योग्य
- अन्नकूट (भोजन का पर्वत) तैयार करें — ५६ प्रकार परम्परागत संख्या।
- गायों का पूजन करें — गोवर्धन कुछ क्षेत्रों में गोपाष्टमी भी है।
- घर पर गाय के गोबर से छोटा गोवर्धन (पर्वत) बनाकर उसका पूजन करें।
- अन्नकूट प्रसाद को समुदाय का भेद किये बिना पड़ोसियों के साथ बाँटें।
न करें
- अन्नकूट के लिए तैयार किसी भी भोजन का अपव्यय न करें — उचित रूप से बाँटें या संरक्षित करें।
- आज पशुधन को न तो हानि पहुँचाएँ न उपेक्षित करें।
- मांस अथवा मद्य का सेवन न करें — सम्पूर्ण ध्यान कृषि/पशुपालन कृतज्ञता पर है।
- गोशाला (यदि उपलब्ध) अथवा पूजा स्थल की सफाई न छोड़ें।
गोवर्धन पूजा 2029 शुभकामनाएँ — साझा करने योग्य संदेश
क्लिक करें — साझा करने के लिए तैयार। ये सभी मूल रचनाएँ हैं — व्यावसायिक उपयोग के लिए स्वतन्त्र।
छोटी अँगुली पर पर्वत उठाना यह स्मरण है: सही संकल्प असम्भव को भी उठा देता है। शुभ गोवर्धन पूजा।
अन्नकूट — अनेक व्यञ्जन, एक वेदी। आपकी रसोई को बाँटने योग्य प्रचुरता मिले। गोवर्धन पूजा की शुभकामनाएँ।
घर का पर्व — उस छत का पर्व जो आपको भीगने नहीं देती। आपके घर को इस वर्ष की हर बौछार में आश्रय मिले।
आँगन में मिट्टी या गोबर का छोटा गोवर्धन, ५६ व्यञ्जन यदि सम्भव हो, कम यदि न हो। संकेत संख्या से अधिक महत्वपूर्ण है।
अन्नकूट साझा करने के लिए है — किसी पड़ोसी को बुलाएँ जिनसे आपने वर्ष भर बात नहीं की। आज जो द्वार आप पुनः खोलें, गोवर्धन पूजा की उसी की कामना।
पञ्च-दिवसीय दीपावली पर्व — पर्व क्रम
दीपावली के पाँच दिन धनतेरस से प्रारम्भ होकर भाई दूज तक चलते हैं — प्रत्येक दिन का अपना देवता, अनुष्ठान एवं ज्योतिषीय केन्द्रबिन्दु है।
गोवर्धन पूजा वर्षों में — २०२०-२०३०
पिछले एवं भविष्य के वर्षों की तिथियाँ — एक स्थान पर।
यह तिथि क्यों?
Govardhan Puja उदय तिथि नियम का पालन करता है – जिस दिन आवश्यक तिथि सूर्योदय के समय व्याप्त हो, उस दिन त्योहार मनाया जाता है। यह धर्मसिन्धु का सामान्य नियम है।
पूजा विधि
आवश्यक सामग्री
- गोबर (गोवर्धन की मूर्ति के लिए)
- कृष्ण मूर्ति या चित्र
- अन्नकूट सामग्री (56 प्रकार के भोग)
- फूल और मालाएँ
- तुलसी के पत्ते
पूजा के चरण
- 1
गोवर्धन पर्वत बनाना
आँगन या पूजा स्थल में गोबर से एक छोटी पहाड़ी (गोवर्धन) बनाएँ। इसे फूलों, घास और छोटे पौधों से सजाएँ। ऊपर कृष्ण मूर्ति रख...
- 2
गौ पूजा
गाय की पूजा करें – कुमकुम और हल्दी का तिलक लगाएँ, माला अर्पित करें, और ताज़ा हरा चारा एवं गुड़ खिलाएँ। गाय कामधेनु का ...
- 3
संकल्प
दाहिने हाथ में जल और अक्षत लें। अपना नाम, गोत्र, तिथि (कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा) और गोवर्धन पूजा का उद्देश्य बोलें। जल छोड...
फल (लाभ)
गोवर्धन पूजा से भगवान कृष्ण की कृपा, प्राकृतिक आपदाओं से रक्षा, अन्न-धन की प्रचुरता, गो-कुटुम्ब का कल्याण और भगवान के प्रति भक्ति गहरी होती है।
देवता
भगवान कृष्ण
कथा एवं इतिहास
गोवर्धन पूजा उस दिन का स्मरण है जब बालकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उँगली पर उठाकर वृन्दावन के लोगों और गौओं को इन्द्र की प्रलयकारी वर्षा से बचाया। कृष्ण के कहने पर व्रजवासियों ने इन्द्र यज्ञ बन… पूरी कथा पढ़ें →कम दिखाएँ ↑
गोवर्धन पूजा उस दिन का स्मरण है जब बालकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उँगली पर उठाकर वृन्दावन के लोगों और गौओं को इन्द्र की प्रलयकारी वर्षा से बचाया। कृष्ण के कहने पर व्रजवासियों ने इन्द्र यज्ञ बन्द कर गोवर्धन की पूजा की। पराजित इन्द्र ने कृष्ण से क्षमा माँगी।
कैसे मनाएँ
गोवर्धन पर्वत के आकार में अन्नकूट सजाएँ – चावल, दाल, सब्ज़ियाँ, मिठाइयाँ। कृष्ण को अर्पित करें। गौओं को सजाकर पूजा करें। गोबर से गोवर्धन बनाकर परिक्रमा करें। मन्दिर में अन्नकूट दर्शन करें।
महत्व
गोवर्धन पूजा प्रकृति-भक्ति और आत्मनिर्भरता की शिक्षा देती है। कृष्ण ने दिखाया कि समुदाय का पोषण करने वाला पर्वत और गौएँ पूजा के योग्य हैं। यह दीपावली का चौथा दिन है।
गोवर्धन पूजा 2030 खोज रहे हैं?
गोवर्धन पूजा 2030 तिथि व मुहूर्त