वसई-विरार · Maharashtra
जगन्नाथ रथ यात्रा 2029वसई-विरार में
वसई-विरार के निर्देशांकों (19.39°N, 72.84°E) के लिए सटीक पूजा समय
प्रमुख समय
त्योहार की तिथि
शुक्रवार, 13 जुलाई 2029
सूर्योदय
06:08
सूर्यास्त
19:20
यह तिथि क्यों?
Jagannath Rath Yatra उदय तिथि नियम का पालन करता है – जिस दिन आवश्यक तिथि सूर्योदय के समय व्याप्त हो, उस दिन त्योहार मनाया जाता है। यह धर्मसिन्धु का सामान्य नियम है।
गणना प्रमाण – पारदर्शी लेखा परीक्षा
देवता
भगवान जगन्नाथ (कृष्ण)
कथा एवं इतिहास
भगवान जगन्नाथ (कृष्ण) भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ पुरी के मुख्य मन्दिर से गुण्डिचा मन्दिर जाते हैं। यह कृष्ण की गोकुल से मथुरा यात्रा का प्रतीक है।
कैसे मनाएँ
पुरी की सड़कों पर विशाल रथ शोभायात्रा। भक्त तीन विशाल लकड़ी के रथ खींचते हैं। विश्वभर के शहरों में भी इसी प्रकार की यात्राएँ निकाली जाती हैं।
महत्व
भारत के सबसे भव्य उत्सवों में से एक, ईश्वर के समक्ष समानता का प्रतीक – जगन्नाथ गर्भगृह से बाहर आते हैं ताकि सभी को दर्शन मिले।