परभणी · Maharashtra
वट सावित्री व्रत 2025परभणी में
परभणी के निर्देशांकों (19.26°N, 76.77°E) के लिए सटीक पूजा समय
प्रमुख समय
त्योहार की तिथि
बुधवार, 11 जून 2025
सूर्योदय
05:44
सूर्यास्त
19:00
यह तिथि क्यों?
Vat Savitri Vrat उदय तिथि नियम का पालन करता है – जिस दिन आवश्यक तिथि सूर्योदय के समय व्याप्त हो, उस दिन त्योहार मनाया जाता है। यह धर्मसिन्धु का सामान्य नियम है।
गणना प्रमाण – पारदर्शी लेखा परीक्षा
देवता
सावित्री / यमराज / ब्रह्मा
कथा एवं इतिहास
राजकुमारी सावित्री ने यमराज (मृत्यु के देवता) का पीछा किया जब वे उनके पति सत्यवान की आत्मा ले गए। अपनी भक्ति और बुद्धिमत्ता से उन्होंने यमराज से वरदान प्राप्त कर पति को जीवित किया।
कैसे मनाएँ
विवाहित महिलाएँ वट (बरगद) वृक्ष के चारों ओर पवित्र धागा बाँधकर सात परिक्रमा करती हैं। सूर्योदय से कठोर उपवास। पति की दीर्घायु और कुशलता की प्रार्थना। सावित्री-सत्यवान की कथा सुनें।
महत्व
समर्पित पत्नी के प्रेम की शक्ति का उत्सव। बरगद का वृक्ष अमरत्व का प्रतीक है। सावित्री की कथा सिखाती है कि सच्ची भक्ति और बुद्धि मृत्यु को भी जीत सकती है।
व्रत
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक कठोर उपवास। केवल विवाहित महिलाओं के लिए।