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सिंह लग्न (संस्कृतमे Simha Lagna) वैदिक ज्योतिषक बारह लग्नमे पांचम थिक। अहाँक लग्न राशि ओ नक्षत्र-समूह थिक जे अहाँक जन्मक समय पूर्वी क्षितिज पर उदित छल। ई अहाँक सम्पूर्ण कुण्डलीक ढाँचा निर्धारित करैत अछि — कोन ग्रह कोन भावक स्वामी अछि, कोन दशा कखन सक्रिय होइत अछि, आ अहाँक स्वाभाविक प्रवृत्ति की अछि। अहाँक लग्नेश सूर्य क संग, अग्नि तत्व अहाँक स्वभावकेँ नियन्त्रित करैत अछि आ स्थिर प्रकृति अहाँक परिवर्तनक प्रति दृष्टिकोणकेँ आकार दैत अछि।
राजसी, आत्मविश्वासी आ उदार। स्वाभाविक चुम्बकत्व जे आन कें अहाँक दिस आकर्षित करैत अछि। अहाँक उष्णता आ रचनात्मकता आसपासक लोककेँ प्रेरित करैत अछि। अहङ्कार अहाँक छाया अछि। पनपय कें लेल मान्यता आ सराहना आवश्यक। अहाँक उपस्थिति कोनो कक्षमे ध्यान आकर्षित करैत अछि।
नेतृत्व, मनोरञ्जन, राजनीति, शिक्षा, प्रदर्शन-कला, विलासिता-ब्रान्ड आ प्रबन्धन। अहाँकेँ प्रभारी वा केन्द्र-मञ्चमे हेबाक चाही। सरकारी पद आ रचनात्मक निर्देशन विशेष अनुकूल। अहाँक करिश्मा अहाँकेँ स्वाभाविक नेता बनबैत अछि।
हृदय, मेरुदण्ड आ ऊपरी पीठ पर ध्यान दियौ। अति-उत्तरदायित्वसँ तनाव हृदय-स्वास्थ्यकेँ प्रभावित करैत अछि। ऊर्जावान व्यायाम आ आनन्ददायक शारीरिक गतिविधि आवश्यक। जखन भावना उत्साहित होइत अछि तखन शीघ्र निरोग होइत छी। समस्त सँसारक भार काँध पर नहि उठाउ।
प्रेममे रोमाञ्चक, उदार आ नाटकीय। साथी पर ध्यान आ उपहारक वर्षा करैत छी। प्रशंसा आ निष्ठाक आवश्यकता। दबङ्ग सेहो भ' सकैत छी। आदर्श साथी भव्य भाव कें सराहय, अहाँकेँ केन्द्र-मञ्च द्यय आ समान रूपसँ सशक्त होय।
अहाँ बढ़िया कमाइ छी आ उदारतापूर्वक खर्च करैत छी। विलासिताक खर्च आयसँ बेसी भ' सकैत अछि। मनोरञ्जन, स्वर्ण आ रचनात्मक उद्यममे निवेश सफल। व्यक्तित्व आ सम्पर्कसँ अहाँ धन आकर्षित करैत छी। सट्टा-लाभ सम्भव मुदा जुआसँ बचू।
राज-योग — आत्म-निपुणताक राजमार्ग। सूर्य-पूजा (सूर्य-नमस्कार, गायत्री-मन्त्र) सर्वाधिक लाभदायक। विष्णु आ शिव सर्वोच्च प्रभु रूपमे अनुकूल। अहाँक आध्यात्मिक विकास आन कें प्रकाशक दिस लय चलयसँ अबैत अछि।
प्रत्येक ग्रहक एकटा उच्च राशि (जतय ओ सर्वोत्तम फल दैत अछि) आ एकटा नीच राशि (जतय ओ दुर्बल होइत अछि) होइत अछि। अहाँक कुण्डलीमे लग्नक अनुसार ई भाव बदलैत अछि।
सूर्य सिंह राशिक स्वामी हेबाक नाते अहाँक प्रथम भाव (लग्न) क स्वामी अछि। अहाँक जन्म कुण्डलीमे सूर्य क स्थिति — ओकर राशि, भाव, दृष्टि आ युति — अहाँक सम्पूर्ण जीवन-दिशा, जीवनी-शक्ति आ पहचान पर निर्णायक प्रभाव डालैत अछि। यदि सूर्य स्वराशि, मूलत्रिकोण, उच्च वा मित्र राशिमे बलवान होय, तँ अहाँक सिंह लग्नक आधारभूत प्रतिज्ञा सहजतासँ प्रकट होइत अछि। यदि सूर्य दुर्बल वा पीड़ित होय, तँ अहाँक स्वाभाविक शक्तिक प्रकटनमे बाधा अबैत अछि — जे विशिष्ट उपायक दिस सङ्केत करैत अछि।
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