महबूबनगर · Telangana
गंगा दशहरा 2025महबूबनगर में
महबूबनगर के निर्देशांकों (16.75°N, 77.98°E) के लिए सटीक पूजा समय
प्रमुख समय
त्योहार की तिथि
गुरुवार, 5 जून 2025
सूर्योदय
05:44
सूर्यास्त
18:49
यह तिथि क्यों?
Ganga Dussehra उदय तिथि नियम का पालन करता है – जिस दिन आवश्यक तिथि सूर्योदय के समय व्याप्त हो, उस दिन त्योहार मनाया जाता है। यह धर्मसिन्धु का सामान्य नियम है।
पूजा विधि
आवश्यक सामग्री
- घी का दीपक
- फूल (कमल, गेंदा, गुलाब)
- कपूर
- अगरबत्ती
- दीपदान के लिए पत्तों की नाव
पूजा के चरण
- 1
पवित्र स्नान
गंगा या किसी निकटवर्ती नदी में पवित्र स्नान करें। नदी उपलब्ध न हो तो स्नान के जल में गंगाजल मिलाएँ। स्नान करते हुए दस पा...
- 2
घाट पर गंगा पूजा
जल के निकट बैठें और छोटी वेदी रखें। जल में फूल, अक्षत, कुमकुम और हल्दी अर्पित करें। गंगा की छोटी मूर्ति पर या गंगा का प्...
- 3
संकल्प
दाहिने हाथ में जल और अक्षत लें। अपना नाम, गोत्र, तिथि (ज्येष्ठ शुक्ल दशमी) और उद्देश्य – दस पापों के निवारण हेतु गंगा ...
फल (लाभ)
गंगा दशहरा दस प्रकार के पापों को नष्ट करता है (शरीर के तीन, वाणी के तीन, मन के तीन, और एक सार्वभौमिक)। इस दिन गंगा स्नान और पूजा से सभी तीर्थों के दर्शन के समान पुण्य मिलता है। यह शुद्धिकरण, पुनर्जन्म चक्र से मुक्ति और पितृ शान्ति प्रदान करता है।
गणना प्रमाण – पारदर्शी लेखा परीक्षा
देवता
देवी गंगा, भगवान शिव
कथा एवं इतिहास
गंगा दशहरा गंगा नदी के स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरण का उत्सव है। राजा भगीरथ ने हज़ारों वर्ष तपस्या कर गंगा को पृथ्वी पर लाया, जिससे सगर पुत्रों की आत्माओं को मुक्ति मिले। शिव ने गंगा के प्रचण्ड प्रवाह को...पूरी कथा पढ़ें →
गंगा दशहरा गंगा नदी के स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरण का उत्सव है। राजा भगीरथ ने हज़ारों वर्ष तपस्या कर गंगा को पृथ्वी पर लाया, जिससे सगर पुत्रों की आत्माओं को मुक्ति मिले। शिव ने गंगा के प्रचण्ड प्रवाह को अपनी जटाओं में धारण किया।
कैसे मनाएँ
गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करें। दस वस्तुएँ अर्पित करें (दशहरा = दस पापों का नाश)। गंगा आरती करें। अन्न, वस्त्र और तिल का दान करें। नदी में दीप प्रवाहित करें।
महत्व
गंगा दशहरा दस प्रकार के पापों का नाश करती है। इस दिन गंगा स्नान सभी तीर्थों के स्नान के समान माना जाता है। गंगा की पवित्रता और मोक्षदायिनी शक्ति का उत्सव है।