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आज का मार्गदर्शन
आनन्द, प्रेम और सृजनशीलता
इस रविवार को तिथि नवमी, नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी, और योग हर्षण है। दिन शुभ है – पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र विवाह एवं प्रेम, विश्राम एवं मनोरंजन, कला एवं संगीत के लिए अनुकूल रहता है। राहु काल 18:58 से 20:48 तक रहेगा, इस दौरान नए शुभ कार्य न आरम्भ करें।
भारतीय कालदर्शिका के पाँच खगोलीय अंग
Auspicious and Expansive
Pleasure, Rest, and Creative Expression
Joy and Celebration
Supportive and Balanced
Solar Day – Clarity and Authority
सूर्योदय और सूर्यास्त वैदिक दिन (अहोरात्र) को परिभाषित करते हैं। सभी मुहूर्त, होरा और चौघड़िया इन्हीं क्षणों से गणित होते हैं।
आज आपके लिए
विषमिश्रित मधु भी व्यर्थ है — कठोर दोष के समय शुभ योग भी समय को शुद्ध नहीं कर सकता। केवल अभिजित मुहूर्त में दोष-निवारण शक्ति है।
सभी कार्यों में सफलता – शुभ वार-नक्षत्र संयोग
सभी मान आपके स्थान के सटीक निर्देशांकों से गणना किए गए हैं। कोई सन्निकटन या डिफ़ॉल्ट नहीं।
ग्रह स्थिति Swiss Ephemeris (DE441) से, सूर्योदय मीउस एल्गोरिदम (2-पास) + वायुमण्डलीय अपवर्तन से।
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सटीक स्थानीय सूर्योदय, सूर्यास्त और मुहूर्त समय के साथ शहर-विशिष्ट पंचांग।
तिथि चन्द्र दिवस है, जो सूर्य और चन्द्रमा के बीच कोणीय दूरी से निर्धारित होती है। एक चन्द्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं – शुक्ल पक्ष में 15 और कृष्ण पक्ष में 15। प्रत्येक तिथि का एक अधिष्ठाता देवता और विशिष्ट गुण होते हैं। एकादशी उपवास के लिए पवित्र मानी जाती है, जबकि पूर्णिमा और अमावस्या अनुष्ठानों के लिए महत्त्वपूर्ण हैं।
नक्षत्र चन्द्र भवन है – 27 तारामण्डलों में से एक जिनसे चन्द्रमा प्रतिदिन लगभग गुजरता है। प्रत्येक नक्षत्र राशि चक्र के 13°20' में फैला है और इसका एक शासक ग्रह, देवता और स्वभाव (ध्रुव, चर, उग्र, मृदु आदि) होता है जो दिन की गुणवत्ता को रंगता है।
योग सूर्य और चन्द्रमा के देशान्तर जोड़कर 13°20' से भाग देने से बनने वाला सूर्य-चन्द्र संयोजन है। 27 योग हैं, प्रत्येक विशिष्ट गुणों के साथ। करण अर्ध-तिथि है – 11 करण एक चक्र में दोहराते हैं, विष्टि (भद्रा) सबसे अशुभ। वार सप्ताह का दिन है, प्रत्येक एक ग्रह शासित।
पंचांग (पञ्च + अङ्ग = पाँच अंग) सूर्य, चन्द्रमा और ब्रह्माण्ड के बीच पाँच — और केवल पाँच — प्रेक्षणीय सम्बन्धों को पकड़ता है। तिथि सूर्य-चन्द्र कोणीय अन्तर मापती है। नक्षत्र स्थिर तारों के सापेक्ष चन्द्रमा को ट्रैक करता है। योग सूर्य और चन्द्र के देशान्तरों को संयोजित करता है। करण तिथि को सूक्ष्मतर स्पन्दनों में विभाजित करता है। वार (सप्ताह दिवस) ग्रह होरा क्रम का पालन करता है।
ये मनमाने विभाजन नहीं हैं — ये इस त्रिकाय प्रणाली में स्वतन्त्र खगोलीय प्रेक्षणों का सम्पूर्ण समुच्चय हैं। प्राचीन खगोलविदों ने पाँच नहीं चुने — पाँच ही सम्भव हैं। प्रत्येक गणना सूर्य सिद्धान्त के एल्गोरिदम पर आधारित है, जिनकी सटीकता आधुनिक उपकरणों ने पुष्ट की है।
अपने शहर के लिए सटीक सूर्योदय, सूर्यास्त, तिथि, नक्षत्र और राहु काल का समय देखें।